कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में निर्मित...

स्व-सहायता समूह की महिलायें मास्क बनाकर कोरोना को रोकने में दे रही योगदान


ग्वालियर। म.प्र. डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सर्व ग्वालियर के तहत स्व सहायता समूह की महिलायें मास्क बनाकर जिले में नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण को रोकने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा जो मास्क बनाए जा रहे हैं वह मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा दिए गए मापदण्डों एवं तकनीकी सहयोग से जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में निर्मित किए जा रहे हैं। समूहों की महिलाओं द्वारा अभी तक 40 हजार से अधिक मास्क की बिक्री भी की जा चुकी है।

समूह की महिलायें मास्क बनाकर लोगों में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने का कार्य कर रही हैं। वहीं मास्क बनाने से प्रति दिन 200 से 250 रूपए की आय भी हो रही है। मास्क के निर्माण के दौरान सावधानी बरतने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। जो शुद्ध कॉटन के मास्क बनाए जा रहे हैं वह पूरी तरह से सेनेटाइज्ड हैं।

जो कोरोना से बचाव के साथ संक्रमण को रोकने में काफी कारगर हैं और धुलाई योग्य भी हैं। यह मास्क तीन फोल्ड में है। प्रति मास्क की कीमत 10 रूपए रखी गई है। इन मास्क के संबंध में संभागीय हाट बाजार फूलबाग चौपाटी के समीप जिला सूक्ष्म उद्यमिता एवं सूचना संचार के मोबाइल नं. 8349901701, 8349901837 या कार्यालय के दूरभाष नम्बर 0751-4927533 पर संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि म.प्र. डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ग्वालियर जिले में 240 ग्रामों में कार्य कर रहा है। इन ग्रामों में 2395 स्व-सहायता समूहों के माध्यम से 24 हजार से अधिक महिलायें (दीदियां) जुड़ी हैं। जिससे 862 दीदियों द्वारा सिलाई का कार्य किया जा रहा है। समूहों द्वारा निर्मित 40 हजार मास्क विभिन्न विभागों द्वारा खरीदे गए हैं।

जिसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा 3 हजार, नगर निगम ग्वालियर द्वारा 7 हजार, द्वितीय वाहिनी एसएएफ द्वारा 3 हजार, जनपद मुरार 3600, जनपद भितरवार 5 हजार, आबकारी विभाग द्वारा 200, जिला पंचायत 150, महिला एवं बाल विकास 600, जनपद डबरा द्वारा 1500, ग्राम पंचायतों द्वारा 400, मीडिया समूहों द्वारा 1500 और एनआरएलएम द्वारा 10 हजार 100 तथा अन्य जन समुदाय द्वारा 2100 मास्क खरीदे गए हैं। जबकि 2 लाख मास्क उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।