आरोपी को सजा दिलाने के लिये ...

विवेचना का स्तर उच्च होना जरूरी है : डीआईजी 




ग्वालियर। पुलिस उप महानिरीक्षक ग्वालियर रेंज .के. पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक ग्वालियर नवनीत भसीन द्वारा सोमवार 6 जनवरी को शहर के समस्त राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली गई। 

बैठक के प्रारम्भ में डीआईजी ग्वालियर ने उपस्थित अधिकारियों को नववर्ष की शुभकामनांए दी।
बैठक में अति. पुलिस अधीक्षक शहर पूर्व पंकज पाण्डेय, शहर पश्चिम सत्येन्द्र सिंह तोमर, शहर मध्य श्रीमती निवेदिता गुप्ता सहित समस्त नगर पुलिस अधीक्षक एवं ग्वालियर शहर के समस्त थाना प्रभारीगण उपस्थित रहे। 

बैठक में डीआईजी ग्वालियर ने महिला संबंधी अपराधों एवं 173(8) जाफौ के पेण्डिंग अपराधों तथा 420भादवि के लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से निकाल करने के निर्देश समस्त थाना प्रभारियों एवं विवेचकों को दिये। 

उन्होने कहा कि 420 भादवि के प्रकरणों की विवेचना उच्च स्तर की होनी चाहिए जिससे आरोपी को न्यायालय से सजा दिलाई जा सके। उन्होने यह भी कहा कि ज्यादा समय तक किसी भी अपराध को लंबित रखने से इसका लाभ आरोपी पक्ष को मिलता है इसलिये प्रकरणों का निकाल शीघ्रता से किया जावे।


बैठक में पुलिस अधीक्षक ग्वालियर ने लंबित अपराधों की थानावार समीक्षा करते हुए उपस्थित राजपत्रित अधिकारियों 173(8)जाफौ के पेण्डिंग अपराधों तथा 420भादवि के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करने के निर्देश दिये और कहा कि वह लंबित अपराधों की भी समीक्षा कर विवेचकों को दिशा निर्देश दें और यह भी देखे कि कोई भी प्रकरण अनावश्यक लंबित तो नहीं रखा गया है। 

क्योंकि प्रकरण को अनावश्यक लंबित रखने से फरियादी को त्वरित न्याय नहीं मिल पाता है। 
आदतन अपराधियों के खिलाफ एनएसए की कार्यवाही करने के निर्देश भी थाना प्रभारियों को दिये। सीएम हेल्प लाईन पर लंबित शिकायतों के तत्काल निराकरण के निर्देश भी पुलिस अधीक्षक ग्वालियर ने समस्त थाना प्रभारियों को दिये। 

पुलिस अधीक्षक ने बैठक में थाना प्रभारियों को स्कूल/काॅलेजों में लगाई जा रही ‘‘बेटी की पेटी’’ के प्रति स्कूली छात्राओं को अधिक से अधिक जागरूक करने के निर्देश दिये और कहा कि स्कूली छात्राओं को बताया जाए कि ‘‘बेटी की पेटी’’ में डाली जाने वाली शिकायतों में पहचान को गुप्त रखा जाता है और कोई भी स्कूल/काॅलेज की छात्राएं अपनी परेशानी को लिखकर इस पेटी में डाल सकती है।