अपनी सजा कम करने के लिए...

निर्भया कांड के दोषी ने राष्ट्रपति को भेजी दया याचिका


निर्भया कांड के दोषी मुकेश कुमार ने राष्ट्रपति से दया की मांग की है। इसके लिए उसने अपनी दया याचिका जेल प्रशासन को सौंप दी है। क्यूरेटिव पिटीशन खारिज होने के बाद मुकेश के पास अपनी सजा कम करने के लिए यह अंतिम विकल्प है।

इससे पहले आज सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषी विनय शर्मा और मुकेश द्वारा दायर क्यूरेटिव पिटीशन (समीक्षा याचिका) को खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था कि दोषियों की पूर्व में दायर पुनर्विचार याचिका और क्यूरेटिव याचिका में खास अंतर नहीं है और इस याचिका में कोई ऐसी नई बात नहीं है जिसका संज्ञान लिया जाए।

मालूम हो कि बीते सात जनवरी को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों को डेथ वारंट जारी किया था। इसके आधार पर चारों की फांसी के लिए 22 जनवरी की तारीख निर्धारित की गई है।

गौरतलब है कि दिल्ली के मुनिरका में 16 दिसंबर 2012 की रात सड़क दौड़ रही बस में निर्भया के साथ दरिंदगी की गई थी। दरिंदों ने लड़की के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसे निर्वस्त्र हालत में चलती बस से नीचे फेंक दिया। इसके बाद पीड़िता को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत में कुछ सुधार नहीं होने की वजह से  29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर भेजा गया। वहां इलाज के दौरान पीड़िता जिंदगी की जंग हार गई।

बस की सफाई का काम करने वाला मुकेश (29) भी इस बर्बरता का मुख्य आरोपी है। उसने गैंगरेप के बाद निर्भया पर लोहे की रॉड से हमला किया था। ये राम सिंह का छोटा भाई था। मुकेश ड्राइविंग और क्लीनर का काम करता था। मुकेश दक्षिणी दिल्ली के रविदास झुग्गी कैंप में राम सिंह के साथ ही रहता था।