ऐप्स के बिना मोबाइल है अधूरा

इन ऐप्स को फोन में रखेंगे तो रहेंगे टेंशन फ्री


मोबाइल के बिना जिंदगी अधूरी है और जरूरी ऐप्स के बिना मोबाइल अधूरा है l मोबाइल में कुछ ऐप्स होने चाहिए ताकि हर दिन की जिंदगी और जिंदगी का सफर, दोनों ही आसान हो जाएं l ऐसे ऐप्स और उनकी उपयोगिता के बारे में पूरी जानकारी आपको यहां दी जा रही है l

आना-जाना
DigiLocker: जरूरी डॉक्यूमेंट्स पूरी तरह सेफ रखने के लिए डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत 'DigiLocker' ऐप की शुरुआत हुई। इस ऐप का इस्तेमाल करने से डॉक्यूमेंट्स की हार्ड कॉपी साथ रखने की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन ध्यान रहे अगर ट्रैफिक रूल्स तोड़ा है तो डीएल या आरसी में से किसी एक की हार्ड कॉपी का साथ में होना जरूरी है, नहीं तो समस्या हो सकती है। 

इस ऐप पर साइन अप करने के लिए मोबाइल नंबर से लिंक्ड आधार नंबर होना जरूरी है। इसके बिना काम नहीं चलेगा। इस डिजिटल लॉकर में आप पैन कार्ड, 10वीं, 12वीं (अगर संबंधित राज्य बोर्ड ने डिजिटल कॉपी बनाई हो तो) सर्टिफिकेट्स, आधार कार्ड, डीएल, आरसी, इंश्योरेंस आदि की डिजिटल कॉपी रख सकते हैं।

mPARIWAHAN: इससे यूजर्स ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की डिजिटल कॉपी बना सकते हैं। इस पर मौजूद डिजिटल कॉपी को कानूनी मान्यता है, लेकिन ध्यान रहे अगर ट्रैफिक रूल्स तोड़ा है तो डीएल या आरसी में से किसी एक की हार्ड कॉपी का साथ में होना जरूरी है। वहीं इस ऐप से सेकंड हेंड गाड़ी की डिटेल्स भी जांची जा सकती है। ऐसे लोग, जिन्हें सेकंड हेंड गाड़ी खरीदने में दिलचस्पी हो, इस ऐप से फायदा उठा सकते हैं।

Delhi Route Planner: अगर आप दिल्ली में रहते हैं या दिल्ली में आना-जाना लगा रहता है तो यह ऐप आपके काफी काम सकता है। यह मेट्रो और डीटीसी दोनों का कंबाइंड ऐप है। इसमें दिल्ली की लाइफलाइन बन चुकी मेट्रो और डीटीसी दोनों के रूप के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध है। यह ऐप हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में जानकारी देता है। चूंकि अब दिल्ली मेट्रो का काफी विस्तार हो चुका है। ऐसे में मोबाइल में इस ऐप के होने से काफी फायदा होता है।

Delhi Metro Rail: दिल्ली मेट्रो रेल द्वारा विकसित यह ऐप काफी काम का है। एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचने का रूट, भाड़ा, दूरी, कितन वक्त लगेगा। ऐसी तमाम जानकारियां इस ऐप पर उपलब्ध है।

mPassport Seva: जैसा कि नाम से पता चलता है, यह ऐप स्मार्टफोन के यूजर्स को पासपोर्ट ऐप्लिकेशन स्टेटस ट्रैकिंग, पासपोर्ट सेवा केंद्र का पता और पासपोर्ट बनवाने के तरीकों के स्टेप्स के बारे में बताता है। इस ऐप का एक फायदा यह भी है कि बार-बार पासपोर्ट केंद्र जाने की जरूरत नहीं है। एक बार इस ऐप को डाउनलोड कर लिया तो काफी चीजें आसान हो जाती हैं।

IRCTC Rail Connect: यह सबसे ज्यादा पॉप्युलर सरकारी ऐप्स में से एक है। IRCTC ने यात्रियों के सफर को आसान और सुविधाजनक बनाने के लिए इस ऐप को बनाया है। इसके अलावा भी आईआरसीटीसी के कई मोबाइल ऐप्स हैं। इन ऐप्स की मदद से आप घर बैठे टिकट बुक करने से लेकर सफर के दौरान मनपसंद भोजन तक की सेवा ले सकते हैं।

IRCTC AIR: वैसे तो हवाई यात्रा के लिए टिकट बुक कराने या जानकारी के लिए तमाम तरह के ऐप मौजूद हैं। लेकिन आईआरसीटीसी का यह ऐप कुछ खास है। इस पर भी कई तरह के ऑफर्स आदि आते रहते हैं। इस ऐप से आप देश के भीतर या विदेश यात्रा के लिए एयर टिकट बुक कर सकते हैं। इसमें आपको सर्च हिस्ट्री सेव करने समेत कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं।

UTS: अनरिजर्व्ड टिकटिंग सिस्टम यानी यूटीएस। इस ऐप के जरिए अनारक्षित और प्लैटफॉर्म टिकट कटाया जा सकता है। इसके लिए फोन में जीपीएस जरूरी है। इससे मोबाइल पर ही टिकट दिखाया जा सकता है। 

Rigo Taxi: जल्दी टैक्सी चाहिए तो रिगो ऐप की मदद ली जा सकती है। टैक्सी बुक करने के लिए यह एक बेहतरीन ऐप है। इस सर्विस का उपयोग करने पर किराया कैश या कैशलेस दोनों तरह से दे सकते हैं।

फाइनैंस
BHIM: भारत इंटरफेस फॉर मनी (भीम) ऐप यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस पर आधारित है। इसके जरिए डिजिटल ट्रांजैक्शन किया जा सकता है। सभी बड़े भारतीय बैंक यूपीआई से जुड़े हुए हैं।

LIC Customer: देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी से जुड़ी तमाम जानकारियां इस ऐप पर उपलब्ध हैं। मसलन, एलआईसी के प्रॉडक्ट्स, प्लैन ब्राउशर्स, प्रीमियम कैलकुलेटर, एलआईसी ऑफिस आदि।

GST Rate Finder: अगर आपको अलग-अलग सामानों पर जीएसटी रेट्स में कन्फ्यूजन है तो इस ऐप की मदद से आप आसानी से वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी रेट्स की डीटेल्स जान सकते हैं।

Aaykar Setu: आयकर सेतु ऐप के साथ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की विभिन्न सेवाओं, मसलन: ऑनलाइन टैक्स पेमेंट, टैक्स कैलकुलेटर, ऑनलाइन PAN कार्ड अप्लाई जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।

UMANG (Unified Mobile Application for New-age Governance): सरकारी कामों के लिए बना यूनिफाइइड मोबाइल ऐप्लिकेशन के जरिए यूजर कई सारी कस्टमर सर्विस जैसे एंप्लॉयीज प्रविडेंट फंड (EPF), पैन, आधार, डिजिलॉकर, गैस बुकिंग, मोबाइल बिल पेमेंट, बिजली बिल पेमेंट आदि को इस एक ऐप के जरिए ही ऐक्सेस कर सकते हैं। इस ऐप को मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड इन्फर्मेशन टेक्नॉलजी और नैशनल -गवर्नेंस डिविजन ने मिलकर विकसित किया है। इस ऐप के जरिए एक बड़ा काम जो आसानी से हो सकता है वह है ईपीएफ से जुड़ी सर्विसेज का इस्तेमाल। इस ऐप के साथ आप अपनी नौकरी के दौरान अलग-अलग कंपनियों द्वारा डिपॉजिट किए गए पैसे की जानकारी पा सकते हैं।

दूसरी जरूरी सुविधाएं
mAdhaar: यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) का एम-आधार ऐप भी काफी काम का है। इसके जरिए यूजर्स अपनी आधार पहचान स्मार्टफोन में रख सकते हैं। इस ऐप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यूजर्स अपनी eKYC इन्फर्मेशन कहीं भी, कभी भी, किसी भी सर्विस प्रोवाइडर के साथ शेयर कर सकते हैं। इस ऐप के जरिए यूजर्स कभी भी अपना बायॉमेट्रिक डेटा ब्लॉक कर सकते हैं।

Swachh Bharat Abhiya: यह ऐप आपके शहर और आसपास के इलाकों को साफ रखने के लिए है। इस ऐप के जरिए यूजर्स गंदगी की फोटो खींचकर संबंधित विभाग या नगरपालिका को भेज सकते हैं। सभी शहरी लोकल बॉडीज इस ऐप से जुड़े हुए हैं। अगर शिकायत का निवारण नहीं किया जाता है तो आप कॉमेंट भी कर सकते हैं।

Postinfo: यह डाक विभाग का ऐप है, जिसे सेंटर फॉर एक्सेलेंस इन पोस्टल टेक्नॉलजी ने विकसित किया है। इस ऐप के जरिए आप पार्सल की ट्रैकिंग, पोस्ट ऑफिस सर्च, पोस्टेज कैलकुलेटर, इन्श्योरेंस प्रीमियम कैलकुलेटर जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। आजकल पोस्ट ऑफिस के कुछ इन्वेस्टमेंट प्लान पर काफी अच्छा रिटर्न मिलता है। इस ऐप पर उस तरह की सभी जानकारी उपलब्ध है।

Voter Helpline: यह ऐप चुनाव से जुड़ी हर तरह की जानकारी का सिंगल पॉइंट है। यहां आप शिकायत दर्ज करने से लेकर, नामांकन, कैंडिडेट्स तक की जानकारी मिल जाती है। आप इस ऐप की मदद से वोटर लिस्ट में अपना नाम भी चेक कर सकते हैं। इसे डाउनलोड करने के बाद यूजर्स अपनी पर्सनल जानकारी वेरिफाई करने के साथ-साथ, ऑनलाइन फॉर्म्स भर सकता है और उसका स्टेटस चेक कर सकता है।

MyGov: यह ऐप एक ऐसा प्लैटफॉर्म है, जहां लोग गवर्नेंस में अपनी सहभागिता निभा सकते हैं। यहां यूजर्स संबंधित सरकारी विभागों और मंत्रालयों को सलाह और आइडिया दे सकते हैं। साथ ही यूजर पॉलिसी बनाने में भी सहभागिता निभा सकते हैं। सरकार को सुझाव देने के लिए यह एक अच्छा ऐप है।

MySpeed: TRAI (टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के MySpeed ऐप के जरिए आप डेटा स्पीड के साथ कवरेज, नेटवर्क इंफॉर्मेशन और डिवाइस लोकेशन भी चेक कर सकते हैं। इस ऐप के जरिए आप अपने टेलिकॉम ऑपरेटर का शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।

Narendra Modi: सोशल मीडिया पर 'सुपरऐक्टिव' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब मोबाइल के जरिए लोगों से जुड़ने के लिए इस ऐप को लाया था। इस ऐप से जहां मोबाइल यूजर्स को सीधे मेसेज और -मेल भेजेंगे, वहीं लोगों से सुझाव भी मांगें जाते हैं। इस ऐप से यूजर्स पीएम मोदी के कार्यक्रमों, केंद्र सरकार के काम की लेटेस्ट जानकारी मिल जाती है। मोदी इस ऐप के जरिए यूजर्स से सीधा संवाद करते रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चर्चित रेडियो प्रोग्राम 'मन की बात' इस ऐप पर भी उपलब्ध है। इस मोबाइल ऐप में मोदी के ब्लॉग का सेक्शन भी दिया गया है।

M-Kavach Mobile Security: मोबाइल को वाइरस और दूसरे तरह की सिक्यॉरिटी थ्रेट आदि से बचाने के लिए और मोबाइल की सिक्यॉरिटी के लिए सरकार ने इस ऐप को लॉन्च किया ताकि लोगों के पर्सनल डेटा की चोरी नहीं हो। इनके अलावा वाईफाई और ब्लूटूथ आदि का गलत उपयोग नहीं हो सके, साथ ही अनचाहे एसएमएस और अनचाहे कॉल को भी रोका जा सके। मोबाइल यूजर्स के लिए यह ऐप काफी उपयोगी है।

सिक्यॉरिटी
INDIAN POLICE AT UR CALL APP: जीआईएस आधारित इस ऐप के कई फायदे हैं। जरूरत पड़ने पर इससे सिर्फ नजदीकी पुलिस स्टेशन की जानकारी की जानकारी मिलती है बल्कि वहां तक पहुंचने के लिए रास्तों के बारे में भी जानकारी मिलती है। यह ऐप अगर हर किसी के मोबाइल में हो तो परेशानी के समय में काफी काम सकता है।

Smart 24x7: विभिन्न राज्यों की पुलिस ने महिलाओं और बुजुर्गों की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए इसे लॉन्च किया था। इसमें यूजर को सिर्फ पैनिक बटन दबाकर सहायता लेनी होती है। खतरे में यह ऐप पैनिक अलर्ट पहले से फीड कॉन्टेक्ट नंबरों को देता है। यह सिर्फ खतरे का संदेश भेजता है बल्कि सिचुएशन की रिकॉर्डिंग और फोटो भी साझा करता है।

Raksha: यह ऐप खासा पॉपुलर है। इसमें एक खास तरह का बटन होता है, जिसे दबाते ही अपनों तक खतरे का मेसेज फौरन पहुंच जाता है। वे मेसेज भेजने वाले का लोकेशन भी देख सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके लिए जरूरी नहीं है कि आपका मोबाइल नेटवर्क काम कर रहा हो। जहां नेटवर्क उपलब्ध नहीं होता यह वहां भी काम करता है। इसके लिए सिर्फ इतना करना है कि 3 सेकंड के लिए वॉल्यूम-की को दबाकर रखना है।

My Safetypin: महिलाओं की सुरक्षा के मामले में सेफ्टीपिन एक बेहतर विकल्प है। इसे महिला सुरक्षा को ध्यान में रखकर खासतौर से डिजाइन किया गया है। यह बेसिक फीचर्स जैसे: जीपीएस ट्रैकिंग, जरूरी फोन नंबर, डायरेक्शन-टु-सेफ लोकेशन आदि से लैस है। यह ऐप यूजर्स को अनसेफ एरिया की जानकारी फौरन देता है। किसी भी खतरे की स्थिति में यह यूजर्स को सेफ लोकेशन के बारे में समय रहते पिन करता है। इसीलिए इसका नाम सेफ्टीपिन है

एजुकेशन
CBSE Shiksha Vani: इस ऐप के जरिए पैरंट्स और स्टूडेंट्स को परीक्षा और इवैल्युएशन से जुड़ी जरूरी जानकारियां दी जाती हैं। बोर्ड ने पॉडकास्ट की सुविधा लोगों को सही और जरूरी जानकारियां देने के लिए इसे लॉन्च किया है। इन पॉडकास्ट्स के जरिए लोगों को अकैडमिक्स, ट्रेनिंग और एग्जाम से जुड़ी जरूरी जानकारियां दी जाती हैं। यह ऐप प्ले स्टोर पर ऐंड्रॉयड यूजर्स लिए उपलब्ध है। यहां रजिस्टर्ड यूजर्स को नई जानकारी के साथ ऑडियो और विडियो फाइल मिल जाएंगी। इन्हें सीबीएसई द्वारा अपलोड किया जाएगा।

Bharatavani: इस ऐप को एचआरडी मिनिस्ट्री के लिए सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ इंडियन लैंग्वेजेज ने विकसित किया है। इसमें हिंदी और अंग्रेजी समेत कई भाषाओं में जानकारी दी गई है। इस ऐप में अलग-अलग डिक्शनरियों से डेटा लिया गया है, जो भारतवाणी की वेबसाइट पर मौजूद हैं। इतना ही नहीं अगर किसी शब्द का अर्थ देश की दूसरी भाषाओं में जानना है तो भारतवाणी ऐप एक बेहतरीन प्लैटफॉर्म है।

ePathshala: एनसीईआरटी की किताबें '-पाठशाला' ऐप पर मुफ्त में ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इस ऐप में पढ़ाई से जुड़े ऑडियो, विडियो और कई दूसरी चीजें उपलब्ध हैं। इसमें मौजूद किताबों को पढ़ते समय उसे बड़ा, छोटा, जूम करके भी देख सकते हैं। सीधे कहें तो इसमें एनसीईआरटी की किताबों की जगह इस ऑप्शन का उपयोग स्टूडेंट और टीचर दोनों कर सकते हैं। हां, स्कूलों में यह शायद अभी मुमकिन नहीं है।

दिल्ली से जुड़े जरूरी ऐप्स
Himmat Plus: महिलाओं की सुरक्षा के लिए है। इसके लिए यूजर को दिल्ली पुलिस की वेबसाइट पर खुद को रजिस्टर करना होता है। इसकी खास बात यह है कि खतरे की स्थिति में यदि यूजर ऐप से अलर्ट भेजता है तो दिल्ली पुलिस के कंट्रोल रूम में उसका लोकेशन, खतरे की जानकारी, उस समय का ऑडियो जैसी सूचनाएं पहुंच जाती हैं। ऐसे में पुलिस मदद मांगने वाले के पास तुरंत पहुंचती है। इस ऐप को काफी पसंद किया गया है।

Delhi Police Lost Report: सामान के खो जाने की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए इस ऐप को लॉन्च किया गया। इसमें शिकायतकर्ता का नाम, पिता का नाम, पता, मोबाइल नंबर आदि भरना पड़ता है। खास बात यह है कि इस ऐप से रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद आपको थाने जाने की जरूरत नहीं यानी घर बैठे ही खो जाने की रिपोर्ट दर्ज हो जाती है।

Delhi Police One Touch Away: दिल्ली पुलिस वन टच अवे एप्लिकेशन को खास तौर से दिल्ली के लोगों के लिए बनाया गया। इस ऐप में दिल्ली पुलिस के सभी अधिकारियों के नंबर उपलब्ध हैं, उन नंबर्स के द्वारा आप अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं। इस ऐप पर आप अपनी फोटो और विडियो को इस वेबसाइट पर शेयर कर सकते हैं। अपनी समस्या भी बता सकते हैं।

Delhi Police Senior Citizen: बुजुर्गों की सेफ्टी के लिए दिल्ली पुलिस सीनियर सिटिजन ऐप को पसंद किया जा रहा है। इमर्जेंसी की स्थिति में एक यूनीक SOS बटन के जरिए सीनियर सिटिजन्स का कॉल हेल्पलाइन नंबर -1291 पर ट्रांसफर हो जाता है। बीट कॉन्स्टेबल और SHO तुरंत अलर्ट हो जाते हैं। इससे जरूरतमंद को फौरन ही मदद मिल जाती है।

Swachh Delhi : PWD Delhi: पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट दिल्ली सरकार का एक अहम विभाग है। यह सरकार के लिए प्लैनिंग, डिजाइनिंग, कंस्ट्रक्शन का काम देखती है। कहीं सड़क बंद हो, टूटी हो कहीं कोई और समस्या हो, ऐसी तमाम समस्याओं आदि को सरकार की जानकारी में लाने के लिए यह ऐप है। सड़क, स्ट्रीट लाइट्स, स्कूल और हॉस्पिटल्स के रखरखाव संबंधी जानकारी के लिए भी है यह ऐप। इस ऐप के माध्यम से जानकारी के अलावा शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। इसमें इमेज डाउनलोड की सुविधा भी है। इसकी खास बात यह है कि एक निश्चित समय सीमा के बाद अगर समस्या का समाधान नहीं होता है तो यह शिकायत खुद--खुद सीनियर ऑफिसर्स के पास ट्रांसफर हो जाता है।

हरियाणा के ऐप्स
भारत को डिजिटल इंडिया बनाने के लिए कई सालों से कवायद की जा रही है। इस कवायद में हरियाणा भी शामिल है। ऐप सर्विस इसी की एक कड़ी है। हरियाणा सरकार के जरूरी ऐप्स के बारे में बता रहे हैं अखिल सक्सेना

Harpath Haryana: सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने 'हरपथ हरियाणा' मोबाइल ऐप बनाया हुआ है। इस ऐप की मदद से जनता को कार्यालयों मे जाकर टूटी सड़कों के बारे में शिकायत करने की जरूरत नहीं रहती। टूटी सड़क की फोटो ऐप पर डालने से ही शिकायत संबंधित विभाग को चली जाती है।

Shiksha Setu: हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग ने डिजिटल इंडिया अभियान के साथ कदम बढ़ाते हुए शिक्षा सेतु नामक मोबाइल ऐप शुरू किया है। इस ऐप पर हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में छात्रों की हाजिरी, फीस, ऑनलाइन एडमिशन, स्कॉलरशिप के अलावा लेक्चर और निदेशालय के अधिकारियों के बारे में भी जानकारी है।

Durga Shakti: महिलाओं की सुरक्षा के लिए हरियाणा पुलिस का दुर्गा शक्ति ऐप है। महिलाएं इस ऐप को मोबाइल में डाउनलोड कर किसी भी परिस्थिति में इस्तेमाल कर पुलिस की मदद मांग सकती हैं। उन्हें आपातकालीन स्थिति में लाल बटन को टच करना होता है।

HPKD Har Pashu Ka Dhyan: पशुपालन विभाग की ओर से तैयार कराए गए ऐप 'Har Pashu Ka Dhyan' ऐप के माध्यम से पशु पालक अहम सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। इस ऐप में पशु पंजीकरण, इलाज और जानवरों का इतिहास रखा जाता है। टीकाकरण आदि की जानकारी भी मिल जाती है। 

यूपी के ऐप्स
अलग-अलग सेवाओं के लिए, अलग-अलग ऐप्स की सुविधा देश को डिजिटल इंडिया बनाने के लिए एक बड़ी कोशिश है। यूपी सरकार के भी कई जरूरी ऐप्स हैं। पूरी जानकारी दे रहे हैं आनंद त्रिपाठी

UPCOP: इस ऐप के जरिए उन अपराधों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, जिसमें अपराधी अज्ञात रहता है। इसमें कुल 28 सेवाएं हैं, जिसमें किसी भी जगह से अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा सकती हैं। इसके अलावा थानों में दर्ज की गई एफआईआर देखकर उनकी कॉपी भी हासिल की जा सकती है। खोए हुए सामान की सूचना दर्ज करा सकते हैं। चरित्र सत्यापन, किराएदार सत्यापन, धरना प्रदर्शन करने की अनुमति के लिए आवेदन भी कर सकते हैं।

Bhulekh Online: भूलेख ऐप के जरिए कोई व्यक्ति कहीं भी बैठकर अपनी जमीन से जुड़ी खसरा, खतौनी की जानकारी हासिल कर सकता है। इस ऐप में पहले अपना जिला चुनना होगा। इसके बाद जिले की तहसील का चुनाव करना होगा। बाद में गांव का ऑप्शन जाएगा। जिसके बाद गाटा संख्या के द्वारा, खाता संख्या के द्वारा या खातेदार के नाम के द्वारा अपनी जमीन की जानकारी हासिल कर सकते हैं। 

jansunwai: सरकारी विभागों से जुड़ी हर एक समस्या के लिए यूपी सरकार ने जनसुनवाई ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप के जरिए शिकायतकर्ता किसी भी विभाग से जुड़ी कोई भी शिकायत दर्ज करवा सकता है। इसमें शिकायत दर्ज कराने पर शिकायतकर्ता अपनी शिकायतों को ट्रैक कर सकता है। इसके अलावा शिकायत की सुनवाई होने पर रिमाइंडर भी भेज सकता है। इतना ही नहीं, शिकायत रद्द होने पर शिकायतकर्ता अपना फीडबैक भी दर्ज करा सकता है। जब तक शिकायतकर्ता जांच से संतुष्ट नहीं होता, तब तक उसकी समस्या का समाधान संबंधित विभाग के द्वारा किया जाता है। साथ ही शिकायत को अपडेट भी करा सकते हैं। इस ऐप पर आई शिकायतों की देखरेख सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय करता है।

Sewayojan: यह ऐप रोजगार के अवसरों का पता लगाने के लिए यूपी सरकार के सेवायोजन विभाग का है। इस ऐप से यूजर को राज्य सरकार के विभागों में नौकरी के साथ-साथ निजी सेक्टर में भी नौकरियों की जानकारी मिलती है। साथ ही रोजगार मेले के आयोजन के बारे में भी युवक जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसमें अस्थायी, स्थायी से लेकर, शॉर्ट टर्म वाली नौकरियों की जानकारी भी मिल जाती है। उन्हें नौकरी से संबंधित अपडेट मिलता रहता है। 

E-Ganna: उत्तर प्रदेश सरकार का गन्ना किसानों की सहूलियत के लिए -गन्ना ऐप है। इस ऐप के जरिए गन्ना बकाया भुगतान समेत गन्ना किसानों की कई समस्याओं का समाधान ऑनलाइन किया जाता है। किसान गन्ना बेचने, सर्वे डेटा, गन्ने से जुड़ी सरकारी सूचनाएं (कैलेंडर), बेसिक कोटा और गन्ने की पर्ची से जुड़ी कई प्रकार की जानकारियां ले सकते हैं।