मांडू उत्सव का समापन…

भीमा महाराज एंड ग्रुप ने सुनाए कबीर के भजन


मांडू l मांडू महोत्सव के अंतिम दिन स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। जिले के कलाकारों ने पंजाबी और राजस्थानी कला के रंग बिखेरे। वहीं दूसरी ओर भीमा महाराज एंड ग्रुप ने आकर्षक कबीर भजनों की प्रस्तुतियां दी। हालांकि मीराबाई की जीरात पर साहसिक गतिविधियां चली। सागर तालाब में भी पर्यटकों ने बनाना राइड का आनंद लिया।

धार की वृषाली देशमुख और साथी कलाकारों ने राजस्थानी एवं पंजाबी लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। पहली प्रस्तुति सरस्वती वंदना से की। कलाकार श्रुति जमरा, लक्षिका पवार व ख्याति रघुवंशी ने प्रस्तुति दी। दूसरे नंबर पर ऋतु चक्र में बसंत से लेकर आगे की सारी ऋतु के बारे में जानकारी पर आधारित नाटक का मंचन किया।

इसमें श्रेया महापात्रा, प्रियांशी विजय, श्वेता गोस्वामी, प्रशस्ति दवे, वर्षा तिवारी, महिमा जाजमे, किरण सोनी, नैना दुबे, श्रुति जमरा, लक्षिका पवार, ख्याति रघुवंशी, प्रियांजलि गायकवाड़, ममता डामोर एवं आंचल श्रीवास्तव ने प्रस्तुति दी।

लोक नृत्य चूड़ी चमेगी… गीत की हुई,तांडव नृत्य , लोक नृत्य , द्रोपदी चीर हरण पर आधारित रही। अंतिम प्रस्तुति भीमा महाराज एंड ग्रुप की रही। इसमें कबीरपंथी के साथ गुरु वंदना और सतगुरु वाहेगुरु पर कलाकारों ने प्रस्तुति दी।

उत्सव के अंतिम दिन मीराबाई की जीरात पर पर्यटकों ने हॉट एयर बलून, पैराग्लाइडिंग, पैरासेलिंग, पैरामोटर, राकेट बंजी, स्कूटी बुलेट का लुत्फ उठाया। इधर सागर तालाब में बनाना राइट, मोटर बोर्ड पर भारी पर्यटकों की भीड़ रही। दिनभर पर्यटकों ने इन गतिविधियों में भाग लेकर मांडू उत्सव का आनंद लिया। कबीरपंथी कलाकारों ने प्रस्तुति दी।