श्रमिकों के लिए नहीं बनवाये शौचालय तो भरना पडे़गा जुर्माना: निगमायुक्त

शहर में प्रत्येक 10 श्रमिक पर बनाना होगा 1 शौचालय


ग्वालियर l 01 जनवरी 2020 l- शहर में चल रहे विकास कार्यों निर्माण कार्यों में फिर चाहे वह शासकीय कार्य हो, अर्धशासकीय कार्य हो या निजी निर्माण कार्य चल रहा हो। जहां जहां श्रमिक कार्य कर रहे हैं, वहां प्रत्येक दस श्रमिक पर 1 शौचालय होना अति आवश्यक है, अन्यथा संबंधित ठेकेदार पर कडी कार्रवाई की जायेगी। 

इसके साथ ही निर्माण कार्य की अनुमति भी निरस्त की जायेगी। उक्ताशय के निर्देश नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन ने सभी संबंधित क्षेत्राधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों को दिये। उल्लेखनीय है कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्वालियर नगर निगम क्षेत्र खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) क्षेत्र घोषित है, तथा शहर में खुले में शौच को रोकने के लिए नगर निगम ग्वालियर द्वारा वृहद स्तर पर कार्य किये गए। 

बडी संख्या में व्यक्तिगत शौचालयों, सार्वजनिक शौचालयों सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया। इसके साथ शहर के नागरिकों को भी खुले में शौच से होने वाली गंदगी बीमारियों के प्रति जागरूक किया गया। जिसके चलते शहर में खुले में शौच लगभग बंद हो गया है।

निगमायुक्त ने बताया कि शहर में विभिन्न स्थानों पर निर्माण कार्य एवं विकास कार्य चल रहे है। जिसमें शासकीय स्तर पर निजी स्तर पर शहर में तेजी से निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं तथा निर्माण क्षेत्र में बडी संख्या में श्रमिक कार्य करते हैं और बडी-बडी साइटों पर श्रमिक निवास भी वहीं करते हैं। 

जहां अधिकतर संबंधित ठेकेदार एवं भवन स्वामी द्वारा श्रमिकों के शौचालय की व्यवस्था की जाती है। परंतु कई स्थानांे पर संबंधित ठेकेदार एवं भवन स्वामी द्वारा श्रमिकों के शौचालय की व्यवस्था नहीं की जाती है। जिसके कारण श्रमिकों द्वारा खुले में शौच की सम्भावना बड़ जाती है। जो कि गंदगी का कारण तो बन ही रहा है तथा ग्वालियर शहर की छवि भी राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल हो रही है।

निगमायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि शहर में जहां भी निर्माण कार्य हो रहा है तथा जहां श्रमिक निवास करते हैं। फिर चाहे वह शासकीय कार्य हो, अर्धशासकीय कार्य हो या निजी निर्माण कार्य चल रहा हो। वहां प्रत्येक 10 श्रमिक पर 1 शौचालय की व्यवस्था आवश्यक रूप से होनी चाहिए। 

अन्यथा संबंधित ठेकेदार भवन स्वामी के खिलाफ कडी कार्यवाही तथा अनुमती निरस्त करने की भी कार्यवाही की जायेगी और यदि अन्य किसी विभाग का शासकीय निर्माण चल रहा है तो कलेक्टर ग्वालियर के माध्यम से संबंधित ठेकेदार की अनुमति निरस्त कराने की कार्यवाही की जावेगी।  

इसी क्रम में नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. वैभव श्रीवास्तव द्वारा लालटिपारा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान पाया कि जयंती सुपर कंस्ट्रक्शन के श्रमिकों द्वारा शौचलाय में ना जाकर बाहर खुले में शौच की जा रही है। जिसके चलते जयंती सुपर कंस्ट्रक्शन पर 5 लाख रूपये का जुर्माना लगाने की कार्यवाही की गई।