देशभर में सुहागिन महिलाएं अपने पति की लम्बी उम्र , सुख-समृध्दि के लिए करवा चौथ व्रत रख रही हैं...
बरसात में चन्द्रमा नहीं दिखे तो गुरुजन की आज्ञा से व्रत खोलें महिलाएं : ज्योतिषाचार्य ब्रजेन्द्र श्रीवास्तव
ग्वालियर। आज करवा चौथ हेै। देशभर में सुहागिन महिलाएं अपने पति की लम्बी उम्र , सुख-समृध्दि के लिए करवा चौथ व्रत रख रही हैं। इस व्रत में महिलाएं पानी भी नहीं पीती हैं। शाम ढलने के बाद रात में चन्द्रमा के उदय के बाद ही महिलाएं यह निर्जला व्रत खोलती हैं। लेकिन आज शाम से बूंदाबादी हो रही है ,बरसात हो रही है। आकाश में बादल है। ऐसे में सवाल उठता है कि चन्द्रमा नहीं दिखेगा तो सुहागिन महिलाएं करवा चौथ व्रत कैसे खोलेंगी? क्या वे बादल छंटनेे का और घंटों बाद चन्द्रमा दिखने का इंतजार करेंगी?
ज्योतिषाचार्य ब्रजेन्द्र श्रीवास्तव का कहना है कि पद्मपुराण में उल्लेख है कि वृध्द , वरिष्ठ जन की आज्ञा , गुरु की आज्ञा से व्रत का पालन करते हैं , ऐसी स्थिति में। वृध्द-गुरुजन पंचाग देखकर चन्द्रमा का अनुमानित उदय समय देख लेते हैं। फिर वे कहते हैं कि चन्द्रोदय तो आसमान में आ गया , भले ही चन्द्रमा नहीं दिख रहा हेै , अब आप अपने व्रत का पालन करें , कोई दोष नहीं है। चन्द्र उदय मानकर चन्द्रमा को अर्ध्य देकर व्रत का पालन करना चाहिए।बरसात के समय , बादल होने पर पुराने समय से यही हो रहा है।
चांद बादलों के पीछे छिप जाए तो तुरंत ये उपाय कर के आप अपना करवा चौथ का व्रत खोल सकती हैं...
भगवान शिव के दर्शन करें
अगर आपके शहर में करवा चौथ के दिन चंद्रोदय के बाद भी चंद्रमा के दर्शन नहीं हो पाए तो भगवान शिव की तस्वीर देखकर अपना व्रत खोल सकती हैं। बता दें कि शिवजी के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हैं। अगर ऐसी कोई फोटो या मूर्ति आपके घर में नहीं है तो महादेव के मंदिर में जाकर चंद्रमा के दर्शन करना अपना व्रत पूरी कर सकती हैं।
चावल से बनाएं चंद्रमा
सबसे पहले चंद्रमा जहां से निकलते हैं उस दिशा में एक चौकी रखकर उसपर लाल रंग का कपड़ा बिछा दें। इसके बाद उसपर चावल से चंद्रमा बना लें। इसके बाद उसी काल्पनिक या चित्रित चांद को छलनी से देखें और चंद्रमा का पूजन करें। अब चंद्रमा का ध्यान करते हुए'ॐ चंद्राय नमः' या 'ॐ सोम सोमाय नमः' मंत्र का जाप करें। इसके बाद अपना करवा चौथ व्रत खोलें।
पंचांग या समयानुसार चंद्रोदय मानकर खोलें व्रत
अपने शहर के पंचांग में दिए गए चंद्रोदय के समय का इंतजार करें। अगर उस समय पर भी चांद नजर नहीं आ रहा है तो चंद्रदेव का स्मरण करके चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पूजा कर के व्रत खोल सकती हैं।
चन्द्रमा देखने का दिखने का कब तक इंतजार करना चाहिए...
ज्योतिषाचार्य ब्रजेन्द्र श्रीवास्तव - कई जगह कॉलोनी में चन्द्रमा दिखने में समय लगता है । चन्द्रमा दिखने में एक घंटा और जोड़े। मान लीजिए 8:30 का या 9 बजे का चन्द्रोदय है , तो उसमें एक घंटा और इंतजार करें। चन्द्रोदय का समय खुले मैदान का होता है। चन्द्रमा नहीं दिख रहा है तो हमें भावना करनी पड़ेगी। वशिष्ठ जी ने योग वशिष्ठ में कहा है कि भावना ही प्रधान है, व्यक्ति के मन मेें। भावना करेगा , उसी अनुसार उसे फल मिलेगा। ग्वालियर में आज करवा चौथ के दिन चन्द्रोदय का समय रात्रि 8:15 बजे का है।




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