G News 24 : इंडिया ब्लॉक के सांसदों का राष्ट्रपति भवन तक मार्च,राहुल के साथ ममता बनर्जी भी मौजूद !

 विपक्षी सांसद इस मुलाकात में चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अपनी आशंकाएं साझा करने पहुंचे राष्ट्रपति भवन ...

इंडिया ब्लॉक के सांसदों का राष्ट्रपति भवन तक मार्च,राहुल के साथ ममता बनर्जी भी मौजूद !

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के बीच विपक्षी गठबंधन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सामने अपना पक्ष रखने की तैयारी की है। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य विपक्षी सांसद इस मुलाकात में चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अपनी आशंकाएं साझा करेंगे।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों के सांसदों मे राष्ट्रपति भवन के लिए शुक्रवार की रात 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च निकाला। विपक्ष के सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल इस मार्च के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेगा। इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी समेत कई सांसद संसद के सेंट्रल हॉल पहुंचे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के सांसदों को शुक्रवार रात आठ बजे मुलाकात का समय दिया था। विपक्षी पार्टियों के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर को लेकर अपनी चिंताएं राष्ट्रपति के सामने रखेंगे। विपक्ष पिछले कई दिनों से दिल्ली में प्रदर्शन कर रहा है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। 

क्या जारी रहेगा विपक्ष का आंदोलन?

विपक्षी नेताओं ने शुक्रवार को दिल्ली में लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों पर पाबंदियां लगाए जाने का आरोप लगाया। संसद पहुंचे कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष अपना आंदोलन जारी रखेगा। उन्होंने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

वेणुगोपाल ने कहा, "हम जो भी कदम उठाने का फैसला करेंगे, उसके बारे में आपको बताएंगे। जैसा कि हमने कल कहा था, हम आंदोलन जारी रखेंगे। परसों तक हम अपने फैसले पर कायम रहेंगे।" राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक परिवहन और लोगों की आवाजाही पर पाबंदियां लगाए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, "दिल्ली में अघोषित आपातकाल लागू है। सभी ट्रेनें और मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। सरकार पूरी तरह डरी हुई है।"

रद्द हो ज्ञानेश कुमार को मिला कानूनी संरक्षण : पवन खेड़ा

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा, "10 सदस्य ज्ञापन सौंपने के लिए अंदर जा रहे हैं। हमारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। हमारा आंदोलन चलता रहेगा और जब तक हम अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर लेते, तब तक नहीं रुकेगा। हमारा लक्ष्य ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, एसआईआर पर रोक लगाना, 13.8 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची में बहाल करना और बैलेट पेपर से चुनाव कराना है। इसके अलावा, संसद में पारित उस प्रावधान को भी रद्द किया जाना चाहिए, जिसके तहत ज्ञानेश कुमार को आजीवन कानूनी संरक्षण दिया गया है।"

ममता बनर्जी भी पहुंची संसद

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी संसद पहुंचीं। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता आपस में चर्चा करने के बाद आगे की रणनीति तय करेंगे। उन्होंने कहा, "हम सभी एक साथ बैठेंगे और फिर आपको आगे की रणनीति के बारे में बताएंगे।"

ममता बनर्जी ने कोलकाता से चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों को रद्द होने पर कहा, "ट्रेनों को रद्द किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कोलकाता से भी राजधानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। छात्र और युवा वास्तव में संकट का सामना कर रहे हैं।"

राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए क्यों मांगा था समय?

विपक्षी दल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर चुनाव आयोग और एसआईआर से जुड़े मुद्दे उठाना चाहते थे। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए पहला अनुरोध दो अक्तूबर को भेजा गया था। विपक्ष ने 15 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के लिए समय मांगा था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए 10 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को समय दिए जाने की बात सामने आई है।

एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन

विवाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव के कारण बड़ी संख्या में लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। इंडिया ब्लॉक के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

तीन दिन से सड़कों पर उतर रहे विपक्षी सांसद

इंडिया ब्लॉक का प्रदर्शन छह अक्तूबर को चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश के साथ तेज हुआ। इस दौरान पुलिस ने राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया था। अगले दिन भी विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन जारी रखा और जंतर-मंतर की ओर जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद आठ अक्तूबर को विपक्षी नेताओं ने महात्मा गांधी के स्मारक राजघाट पर धरना दिया।

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