G News 24 : राजीव गांधी प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी का बदला नाम,RGPV को 3 हिस्सों में बांटेगी सरकार !

 RGPV का नया नाम मध्यभारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय होगा...

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी का बदला नाम,RGPV को 3 हिस्सों में बांटेगी सरकार !

भोपाल। RGPV का तीन विश्वविद्यालयों में विभाजन जैसे कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिली। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी का बदला नाम: RGPV को 3 हिस्सों में बांटने जा रही है सरकार !

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक में शिक्षा, कृषि, प्रशासन और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में सबसे बड़ा निर्णय भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) को तीन क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों में विभाजित करने का रहा। सरकार ने विश्वविद्यालय का पुनर्गठन करते हुए भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में अलग-अलग प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है।

सरकार के फैसले के मुताबिक भोपाल स्थित RGPV का नया नाम मध्यभारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, भोपाल होगा। वहीं उज्जैन में मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय और जबलपुर में महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। इन विश्वविद्यालयों के गठन से प्रदेश के अलग-अलग संभागों के विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा और विश्वविद्यालय से जुड़े कार्यों के लिए क्षेत्रीय स्तर पर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

तीन हिस्सों में बंटेगा RGPV

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार प्रदेश के तकनीकी शिक्षा तंत्र को क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत करने के लिए RGPV को तीन विश्वविद्यालयों में विभाजित किया जाएगा। भोपाल का मध्यभारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय मध्यप्रदेश के मध्य और उत्तरी हिस्से के जिलों को कवर करेगा।

मध्यभारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, भोपाल के अंतर्गत भोपाल और नर्मदापुरम के साथ ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिले शामिल किए जाएंगे। इसी तरह मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, उज्जैन के अधीन उज्जैन और इंदौर संभाग के सभी जिले रहेंगे।वहीं महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, जबलपुर के अंतर्गत जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के जिले शामिल किए जाएंगे।

सरकार का कहना है कि नए विश्वविद्यालयों में जरूरत के अनुसार पदों का सृजन किया जाएगा। इसके अलावा कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति से जुड़े प्रावधान भी किए जाएंगे। इससे विश्वविद्यालयों पर प्रशासनिक दबाव कम करने और विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सकेगा।

तकनीकी शिक्षा को क्षेत्रीय स्तर पर मिलेगा विस्तार

RGPV प्रदेश का प्रमुख तकनीकी विश्वविद्यालय है और इससे बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संस्थान जुड़े हुए हैं। अब इसके तीन क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों में विभाजन के बाद विद्यार्थियों को परीक्षा, प्रवेश, दस्तावेज, शैक्षणिक कार्य और विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े मामलों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

सरकार का मानना है कि अलग-अलग क्षेत्रीय विश्वविद्यालय बनने से प्रशासनिक कामकाज अधिक प्रभावी होगा और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में स्थानीय जरूरतों के अनुसार नए पाठ्यक्रम एवं कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा सकेगा।

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