G News 24 : कंप्यूटर व अन्य उपकरणों की GeM के जरिए हुई खरीद में चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई !

 GeM खरीद में 10.99 करोड़ की कथित अनियमितता...

कंप्यूटर व अन्य उपकरणों की GeM के जरिए हुई खरीद में चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई !

भोपाल। मध्य प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग में करीब 10.99 करोड़ रुपये के टेंडर से जुड़ा कथित फर्जीवाड़ा सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी EOW ने मामले में मुख्य आरोपी रणधीर कुमार पटेल समेत चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। जांच में टेंडर प्रक्रिया में फर्जी प्रतिस्पर्धा, एक ही पते से जुड़ी फर्मों और उपकरणों की कीमत में भारी अंतर जैसे गंभीर तथ्य सामने आने का दावा किया गया है।

एक पते से चल रहीं थीं कई फर्में

जांच के मुताबिक GeM पोर्टल पर टेंडर हासिल करने के लिए अलग-अलग फर्मों के जरिए प्रतिस्पर्धा दिखाए जाने का आरोप है। GST रिकॉर्ड की जांच में शांति ट्रेडर्स, HTM इंडिया और रणधीर पटेल की साईबाबा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और कार्यालय का पता एक जैसा पाए जाने की बात सामने आई है। EOW ने इसी आधार पर टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका जताई है।

 ₹3,754 का UPS ₹11,247 में सप्लाई

मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू उपकरणों की कीमत से जुड़ा है। जांच में 3,754 रुपये कीमत वाले UPS को 11,247 रुपये में सरकारी विभाग को सप्लाई किए जाने का आरोप है। खास बात यह है कि संबंधित UPS के डिब्बे पर MRP 6,086 रुपये दर्ज थी। यानी वास्तविक कीमत और सरकारी खरीद कीमत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है।

टेंडर से पहले ही इंस्टॉलेशन का दावा

जांच में यह भी सामने आया कि विभाग ने टेंडर 23 सितंबर 2024 को जारी किया था, जबकि उपकरणों का इंस्टॉलेशन 22 जुलाई 2024 को ही हो चुका था। आरोप है कि बाद में इन्हीं उपकरणों को नया बताकर कागजों में सप्लाई दर्शाया गया। कंप्यूटरों में Acer की जगह स्थानीय कंपनी की SSD और कम गुणवत्ता वाली RAM लगाए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।

कौन हैं रणधीर पटेल?

EOW की FIR में मुख्य आरोपी बनाए गए रणधीर पटेल मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद के रहने वाले बताए गए हैं। 1974 में जन्मे पटेल ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन में डिप्लोमा किया है। उनके बारे में उपलब्ध बायोडाटा के अनुसार, वे लंबे समय से भोपाल में कारोबार कर रहे हैं और साईबाबा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के मध्य प्रदेश में 17 कार्यालय तथा 65 कर्मचारी हैं। उनके अन्य कारोबारी प्रतिष्ठानों का भी उल्लेख मिलता है।

कंप्यूटर व अन्य उपकरणों की GeM के जरिए हुई खरीद में चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई !

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की कंप्यूटर व अन्य उपकरणों की GeM के जरिए हुई खरीद में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने करीब 10.99 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता का मामला दर्ज किया है। 1 सितंबर को अलग-अलग फर्मों से जुड़े चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।

जांच में चार बोलीदाता कंपनियों के GST, मोबाइल नंबर, ई-मेल और पते में समानता मिलने से फर्जी प्रतिस्पर्धा की आशंका जताई गई है। EOW के अनुसार, जुलाई 2024 में स्थापित कंप्यूटरों को सितंबर के टेंडर में नया दर्शाया गया और कुछ मशीनों में निर्धारित ब्रांडेड RAM-SSD की जगह स्थानीय पार्ट्स पाए गए।

UPS खरीद में भी बड़ा अंतर सामने आया। करीब 3,754 रुपये में सूचीबद्ध UPS के लिए विभाग ने 11,247 रुपये का भुगतान किया। निर्माता पक्ष ने टेंडर में दर्ज मॉडल की आपूर्ति नहीं होने की बात भी कही है।

EOW ने संबंधित फर्मों को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश की है और अब यह जांच भी की जा रही है कि विभागीय अधिकारियों ने बिना पर्याप्त भौतिक सत्यापन के आपूर्ति और बिलों को मंजूरी क्यों दी। मामला जांच में है और आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय करेगा।

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