स्मार्ट सिटी की यह साइकल परियोजना 2018 में शुरू की गई थी ...
स्मार्ट सिटी की कबाड़ हो चुकी सायकलें,अब आईआईटीटीएम के विद्यार्थी चलायेंगे !
ग्वालियर । 2018 में स्मार्ट सिटी ग्वालियर द्वारा पब्लिक बाइक शेयरिंग परियोजना शुरू की गई थी। इसके लिए जीपीएस ट्रेकर युक्त सैकड़ों साइकलें स्मार्ट सिटी द्वारा शहर के लगभग 10 से अधिक प्रमुख चौरहों व बाजारों रखवाई गई थीं। इसके लिए करोड़ों रूपये खर्च करके साइकल स्टेण्ड एवं साइकल ट्रेक बनवाए गए थे जिनका आज कोई नामोनिशान नहीं बचा है।कबाड़ में तब्दील हो चुकी जिन साइकिलों को लोगों ने नकार दिया था,अब स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने वे साइकिलें आईआईटीटीएम को टिपा दी है।
अब इन कबाडा साइकलों को आईआईटीटीएम के विद्यार्थी चलायें ऐसी इच्छा स्मार्ट सिटी के अधिकारी कर रहे है। स्मार्ट सिटी की यह साइकल परियोजना 2018 में शुरू की गई । यह योजना टांय-टांय फिस्स हो गई थी, इसे शहर के लोगों ने खराब सडकों और साइकल ट्रेक न होने से इसे नकार दिया था, तभी से यह साइकलें कबाड हो गई थी।
स्मार्ट सिटी व आईआईटीटीएम के बीच हुआ एमओयू
ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और पब्लिक बाइक शेयरिंग परियोजना की साइकिलों के बेहतर प्रबंधन हेतु एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। निगमायुक्त एवं स्मार्ट सिटी सीईओ श्री संघ प्रिय के मार्गदर्शन में आज भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM), ग्वालियर को एक औपचारिक समझौते (MoU) के तहत 100 साइकिलें प्रदान की गईं। स्मार्ट सिटी की पिछली बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि पब्लिक बाइक शेयरिंग की साइकिलों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए इन्हें शासकीय शैक्षणिक संस्थानों को सौंपा जाए।इसी कड़ी में आईआईटीटीएम पहला संस्थान बना है, जिसे ये साइकिलें हस्तांतरित की गई हैं। इस अवसर पर स्मार्ट सिटी की ओर से अधीक्षण यंत्री सुबोध खरे, ई-गवर्नेंस अधिकारी नागेन्द्र सक्सेना, उपयंत्री अभिषेक त्रिपाठी एवं आईआईटीटीएम प्रबंधन की तरफ से डॉ वाय पी एस सेंगर मौजूद रहे। ग्वालियर स्मार्ट सिटी की इस पहल से अब आईआईटीटीएम के विद्यार्थियों को परिसर के भीतर आवागमन के लिए एक स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त विकल्प मिलेगा। साथ ही, सार्वजनिक संपत्ति का बेहतर संरक्षण और सदुपयोग भी सुनिश्चित होगा। स्मार्ट सिटी के संबंधित अधिकारियो ने जानकारी देते हुये बताया कि जल्द ही अन्य शासकीय शैक्षणिक संस्थानो के साथ भी एमओयू के तहत शेष साइकिलो को हस्तांतरित किया जायेगा ताकि इन साइकिलो का अधिकतम लाभ विद्यार्थियों को मिल सके।
एमओयू के तहत निर्धारित शर्तो का पालन करेगे संस्थान
ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा जिन शासकीय शैक्षणिक संस्थानो को यह साइकिल प्रदान की जायेगी उन्हे साइकिलो के रखरखाब और संचालन को लेकर निर्धारित शर्तो का पालन करना होगा जिसमे स्मार्ट सिटी द्वारा प्रदान की जा रही साईकिले यथा स्थिति में सौंपी जावेगी एवं साईकिलों में आवश्यक मरम्मत संबंधित विभाग को ही करानी होगी। सभी साईकिले अस्थाई रूप से 3 वर्ष के लिये प्रदान की जावेगी जिनका स्वामित्व स्मार्ट सिटी का ही रहेगा एवं आपसी सहमति से उक्त समयावधि बढ़ाई जा सकती है। भविष्य में यदि आवश्यकता पड़ती है तो 1 माह की समयावधि में आवश्यकतानुसार साईकिले वापस करनी होगी। साईकिलों का उपयोग संस्था के परिसर में ही किया जाना होगा। और साईकिलों का उपयोग किसी भी प्रकार की व्यापारिक गतिविधियों में नहीं किया जावेगा।










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