3 साल, ₹1.26 लाख करोड़ और सिर्फ 2500 कर्मचारी ...
एन्थ्रोपिक के चमत्कार ने IT सेक्टर में मचाई तबाही, सदमे में Infosys और TCS. !
टेक इंडस्ट्री में कभी-कभी एक आंकड़ा सबको चौंका देता है. इस बार यह आंकड़ा है 14 अरब डॉलर. AI कंपनी एन्थ्रोपिक ने दावा किया है कि उसने अपने पहले डॉलर की कमाई के सिर्फ तीन साल के भीतर 14 अरब डॉलर का सालाना रेवेन्यू रन रेट हासिल कर लिया है. भारतीय रुपये में यह करीब 1.26 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बैठता है. इतनी तेज रफ्तार से बढ़ना किसी भी कंपनी के लिए असाधारण माना जाता है. कहा जा रहा है कि यह इतिहास की सबसे तेजी से बढ़ने वाली कंपनियों में से एक हो सकती है.
Claude AI बना कमाई का इंजन
Anthropic की इस ग्रोथ के पीछे उसका AI मॉडल Claude है. कंपनी के मुताबिक, पिछले तीन सालों में उसका रेवेन्यू हर साल 10 गुना से ज्यादा बढ़ा है. जो ग्राहक सालाना 1 लाख डॉलर से ज्यादा खर्च करते हैं, उनकी संख्या पिछले एक साल में सात गुना बढ़ी है. दो साल पहले सिर्फ कुछ गिने-चुने ग्राहक 10 लाख डॉलर से ज्यादा खर्च करते थे, लेकिन अब ऐसे ग्राहकों की संख्या 500 से ज्यादा हो गई है. कंपनी का दावा है कि Fortune 10 में से 8 बड़ी कंपनियां अब Claude की ग्राहक हैं. हालांकि, इतनी तेज कमाई के बावजूद कंपनी अभी मुनाफे में नहीं है. AI डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च इसकी बड़ी वजह है.
शेयर बाजार और IT सेक्टर में बेचैनी
Anthropic के इस आंकड़े ने टेक इंडस्ट्री में उत्साह के साथ-साथ चिंता भी पैदा की है. उत्साह इसलिए क्योंकि AI अब सिर्फ प्रयोग नहीं, बल्कि बड़े एंटरप्राइज स्तर पर अपनाया जा रहा है. चिंता इसलिए क्योंकि इसी दौरान भारत की बड़ी IT कंपनियां जैसे Infosys, Wipro और TCS की ग्रोथ धीमी पड़ी है. पिछले तीन सालों में इन कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ में लगातार गिरावट देखी गई है. उदाहरण के लिए TCS की ग्रोथ FY23 में 17.6 प्रतिशत थी, जो FY24 में घटकर 6.8 प्रतिशत और FY25 में करीब 6 प्रतिशत रह गई. Infosys की ग्रोथ भी FY23 में 20.7 प्रतिशत से गिरकर FY24 में 4.7 प्रतिशत पर आ गई.
Claude Code और SaaS पर असर
Anthropic का नया प्रोडक्ट Claude Code, जो मई 2025 में आम यूज़र्स के लिए लॉन्च हुआ, तेजी से कमाई कर रहा है. इसका रन रेट 2.5 अरब डॉलर से ज्यादा हो चुका है और सिर्फ एक महीने में दोगुना बढ़ा है. Claude Code और Claude Work जैसे टूल्स ने SaaS कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट ला दी है. बाजार में यह चर्चा है कि AI टूल्स कई पारंपरिक IT सेवाओं की जगह ले सकते हैं. कुछ विश्लेषकों का मानना है कि Anthropic की कमाई का 60 से 80 प्रतिशत हिस्सा शायद उन प्रोजेक्ट्स से आ रहा है, जो पहले भारतीय IT कंपनियों को मिलते थे.
बदलती टेक दुनिया की तस्वीर
पिछले छह महीनों में शेयर बाजार के आंकड़े भी कहानी बताते हैं. TCS के शेयर 11 प्रतिशत से ज्यादा गिरे हैं. Infosys करीब 4 प्रतिशत नीचे है. Wipro में भी दो अंकों की गिरावट देखी गई है. जब इन आंकड़ों की तुलना Anthropic की ग्रोथ से की जाती है, तो लगता है कि टेक इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव चल रहा है. SaaS और बड़ी कोडर टीमों के दौर से आगे बढ़कर अब AI आधारित कस्टम सॉफ्टवेयर का समय आ रहा है, जिसे कम लोग मिलकर मैनेज कर सकते हैं. दिलचस्प बात यह है कि 14 अरब डॉलर के रन रेट तक पहुंचने वाली Anthropic में सिर्फ लगभग 2500 कर्मचारी हैं.










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