मंडल रेल प्रबंधक को कार्रवाई के लिये भेजेंगे पत्र...
प्लेटफार्म रास्तों की हालत पर मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष ने नाराजगी जताई !
ग्वालियर। मप्र मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष डा. अवधेश प्रताप सिंह ने ग्वालियर रेलवे स्टेशन परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों से यात्रियों व आम नागरिकों को हो रही असुविधाओं पर नाराजगी जताई है। उन्होंने इस संदर्भ में जिला कलेक्टर व अन्य अधिकारियों से स्टेशन पर निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों के लिये सुरक्षित और फिसलन रहित सुगम रास्ता बनाने के लिये रेल अधिकारियों से चर्चा करने को कहा है। मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष डा. सिंह ने इस संदर्भ में मंडल रेल प्रबंधक अनिरूद्ध कुमार को भी पत्र भेज रहे है। जिसमे यात्रियों के लिये सुरक्षित रास्ता बनाने को कहा गया है।
बीती रात ग्वालियर आने और ग्वालियर से भोपाल जाने के दौरान रेलवे स्टेशन परिसर में अनेक यात्रियों ने मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष से शिकायत व चर्चा की। यात्रियों ने अध्यक्ष डा. सिंह को बताया कि स्टेशन पर पूर्वी और पश्चिमी तरफ एक साथ निर्माण किये जाने से यात्री स्टेशन व प्लेटफार्म पर बमुश्किल आ जा पा रहे है। वहीं बारिश व पानी से मिटटी के कच्चे रास्ते पर यात्री फिसल कर गिर रहे है और वाहनों के आने से कीचड़ उछलने से उनके कपड़े भी खराब हो रहे हैं। इन शिकायतों पर मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष डा. सिंह ने कलेक्टर श्रीमती रूचिका चैहान, डीआईजी अमित सांघी, एसएसपी धर्मवीर सिंह, निगम कमिश्नर संघ प्रिय व अन्य अधिकारियों से आयोग कार्यालय में बैठक में कहा कि वह रेलवे अधिकारियों से संपर्क कर इस प्रकार से कार्य कराये कि यात्रियों और नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो।
मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष डा. अवधेश प्रताप सिंह का इस बैठक से पूर्व पुष्पगुच्छ भेंट कर जिला पंचायत सीओ सोजान सिंह रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती अनु बेनीवाल, जेल उप अधीक्षक विपिन डंडौतिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की कार्यप्रणाली, मानव अधिकारों से संबंधित प्रकरणों की वर्तमान स्थिति एवं निराकरण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस मौके पर आयोग मित्र डा. दीपक शर्मा, आलोक बंधु श्रीवास्तव, विनय अग्रवाल व अजय मिश्रा भी उपस्थित थे।
डीआरएम को पत्र लिखकर वस्तुस्थिति बताने के निर्देश
स्टेशन पर आम नागरिकों को हो रही परेशानी की जानकारी मंडल रेल प्रबंधक अनिरूद्ध कुमार को लिखित में दी जाये। इसके निर्देश मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष ने दिये। उन्होंने कहा कि वह स्वयं इस संदर्भ में आयोग कार्यालय से पत्र जारी कर रहे हैं।
आयोग मित्र बने जनता और आयोग के बीच मजबूत सेतु
बैठक में आयोग मित्र समिति की भूमिका पर विशेष चर्चा की गई। आयोग मित्र समिति की ओर से सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अवधेश श्रीवास्तव, डॉ. दीपक शर्मा, अधिवक्ता आलोक बंधु श्रीवास्तव सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। अध्यक्ष ने आयोग मित्रों डॉ दीपक शर्मा के योगदान की खुले दिल से सराहना करते हुए कहा कि आयोग और आम जनता के बीच सेतु का कार्य आयोग मित्र प्रभावी ढंग से कर रहे हैं। उन्होंने मानव अधिकारों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए शिविर, संगोष्ठी, कार्यशालाएं एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
शिकायत प्रकोष्ठ का निरीक्षण, व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश
इसके पश्चात डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने आयोग मित्र एवं शिकायत प्रकोष्ठ कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने शिकायतों के पंजीयन, जांच एवं निस्तारण की प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो। पीड़ित को उचित मार्गदर्शन, सम्मानजनक व्यवहार और समय पर जानकारी मिलना अनिवार्य है।
जेसीआई सम्मेलन में मानव अधिकारों पर प्रेरक संबोधन
अपने प्रवास के दौरान डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने सामाजिक संगठन जे.सी.आई. के वार्षिक सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में सहभागिता की। उन्होंने कहा कि भारत उन अग्रणी देशों में शामिल है, जिन्होंने मानव अधिकारों को संविधान में सम्मानजनक स्थान दिया है।
उन्होंने समाज में जीवन मूल्यों के हो रहे क्षरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केवल कानून बनाकर ही मानव अधिकारों की रक्षा संभव नहीं है, बल्कि नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी को भी मजबूत करना होगा। उन्होंने सामाजिक संगठनों से आह्वान किया कि वे नई पीढ़ी को मानव अधिकारों, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करें।
आमजन में बढ़ा विश्वास, आयोग की भूमिका की सराहना
कार्यक्रमों के दौरान उपस्थित नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं प्रतिनिधियों ने माननीय अध्यक्ष के विचारों का स्वागत किया और मानव अधिकारों की रक्षा में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग की सक्रिय भूमिका की सराहना की। नागरिकों ने विश्वास व्यक्त किया कि आयोग की सख्ती, संवेदनशीलता और सक्रियता से आमजन को न्याय एवं संरक्षण और अधिक प्रभावी रूप से प्राप्त होगा।










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