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मोहन भागवत ने RSS‑BJP संबंध की सबसे बड़ी भ्रांति तोड़ी,बोले संगठन स्वतंत्र रूप से काम करते हैं !
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत अपने बयानों की वजह से किसी न किसी वजह से चर्चाओं में रहते हैं. अक्सर देखा जाता कि वो कुछ ऐसा बोलते हैं जिसकी चारों तरफ चर्चा होने लगती है. अक्सर देखा जाता है कि तमाम विपक्षी पार्टियां BJP को लेकर RSS पर निशाना साधती हैं, इसे लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP), विश्व हिंदू परिषद (VHP) और विद्या भारती जैसे संगठन स्वतंत्र रूप से काम करते हैं और उन्हें संघ कंट्रोल नहीं करता है.
संघ नहीं करता कंट्रोल...
भागवत ने आगे कहा कि BJP या VHP के जरिए RSS को समझने की कोशिश मत करो, वे स्वतंत्र रूप से काम करते हैं और उन्हें संघ रिमोट कंट्रोल नहीं करता, साथ ही उन्होंने कहा कि जो लोग RSS को उससे जुड़े संगठनों के जरिए समझने की कोशिश कर रहे हैं, वे एक बड़ी गलती कर रहे हैं. संघ की स्थिति समझाते हुए उन्होंने कहा, "संघ स्वयंसेवकों को बनाता है, लेकिन वह उन्हें कभी रिमोट कंट्रोल नहीं करता. आगे बताते हुए भागवत ने कहा, RSS स्वयंसेवकों को तैयार करता है और भारत के परम वैभव के लिए काम करने के लिए मूल्यों, विचारों और लक्ष्यों को भी उनमें डालता है लेकिन उन स्वयंसेवकों को संघ रिमोट से कंट्रोल नहीं करता है.
उनका एक जैसा है नजरिया...
BJP, VHP, विद्या भारती हमारे स्वयंसेवकों द्वारा चलाए जा रहे हैं और वे एक अलग पहचान के साथ और अपने संविधान के अनुसार काम करते हैं, लेकिन भारत की पूरी शान के लिए काम करने का उनका नजरिया एक जैसा है. उन्होंने कहा कि ये संगठन अपने फैसले खुद लेते हैं और अलग-अलग बैकग्राउंड के लोगों के साथ काम करते हैं. वे अपने फैसले खुद लेते हैं और अलग-अलग क्षेत्रों में और अलग-अलग तरीकों से गैर-स्वयंसेवकों सहित लोगों के साथ काम करते हैं.
लोगों ने उड़ाया था मजाक...
आगे कहा कि जब हमने 40 साल पहले लोगों को यह बताया था, तो उन्होंने हमारा मजाक उड़ाया था और कहा था कि हम शब्दों का खेल खेल रहे हैं, लेकिन अब लोग समझने लगे हैं कि हम असल में क्या कहना चाहते थे. इसके अलावा RSS प्रमुख ने कहा कि संगठन लंबे समय से गलत जानकारी और गलतफहमी का शिकार रहा है. उन्होंने कहा कि शुरू से लेकर अब तक, RSS को इसके बारे में गलत बातों का सामना करना पड़ा है, सिर्फ उन लोगों से नहीं जो इसका विरोध करते हैं, बल्कि उन लोगों से भी जो इसकी बुराई नहीं करते, पूरी दुनिया RSS को जानती है, लेकिन बहुत कम लोग इसके बारे में पूरी तरह से जानते हैं.
गलतफहमी का हो रहा है शिकार...
RSS प्रमुख ने कहा कि संगठन लंबे समय से गलत जानकारी और गलतफहमी का शिकार रहा है. उन्होंने कहा कि शुरू से लेकर अब तक, RSS को इसके बारे में गलत बातों का सामना करना पड़ा है, सिर्फ उन लोगों से नहीं जो इसका विरोध करते हैं, बल्कि उन लोगों से भी जो इसकी बुराई नहीं करते, पूरी दुनिया RSS को जानती है, लेकिन बहुत कम लोग इसके बारे में पूरी तरह से जानते हैं. आगे उन्होंने कहा कि RSS और दुनिया के किसी भी दूसरे संगठन के बीच कोई मुकाबला नहीं किया जा सकता. इसका काम करने का तरीका अनोखा है, लेकिन यह मानना होगा कि यह तथागत बुद्ध (गौतम बुद्ध) से प्रेरणा लेता है.
ये गलती नहीं करनी चाहिए...
RSS को पैरामिलिट्री संगठन कहने वाली आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि क्योंकि हम पथ संचलन करते हैं और लाठियों से काम करते हैं, इसलिए RSS को कभी भी पैरामिलिट्री फोर्स समझने की गलती नहीं करनी चाहिए. उन्होंने साफ किया कि सिर्फ सामाजिक काम ही संघ को नहीं बताते. यह सेवा के काम करता है, लेकिन इससे किसी को यह नहीं मानना चाहिए कि संघ सिर्फ एक सामाजिक सेवा संगठन है. संघ के सपोर्टर और विरोधी, दोनों ने समाज में संघ के बारे में कई गलतफहमियां और झूठी बातें फैलाई हैं.









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