कलियुग के अंत को लेकर की गई हैं कई भविष्यवाणियां ...
मंदिर से निकली चीत्कार, सुनकर मर जाएंगे असंख्य लोग,भारत के इस राज्य में है यह देवीस्थान !
कलियुग का अंत कैसा होगा, इसे लेकर कई भविष्यवक्ताओं ने भी भविष्यवाणियां की हैं. साथ ही धर्म ग्रंथों में भी इसका उल्लेख किया गया है. आज हम मंदिर से जुड़ी ऐसी भविष्यवाणी जानते हैं, जो दहला देने वाली है. आजकल जो घटनाएं हो रही हैं, उन्हें देखकर-सुनकर लोग कहते हैं कि घोर कलियुग आ गया है. जबकि अभी घोर कलियुग आने में हजारों साल बाकी हैं. उस पर कलियुग के अंत के बारे में जो भविष्यवाणियां की गई हैं, वो दहलाने वाली हैं.
भविष्य मालिका ग्रंथ में लिखी गई भविष्यवाणिओं की मानें तो कलियुग के अंत में ऐसी काली रात होगी कि किसी को कुछ नजर नहीं आएगा. ना खाने को खाना, ना पीने को पानी होगा. ऐसी तबाही आएगी कि सब जलमग्न हो जाएगा, लगेगा दुनिया खत्म हो रही है. सूर्य और चंद्रमा तक खत्म हो जाएंगे. फिर भगवान कल्कि का अवतार होगा और नए सूर्य-चंद्रमा का सृजन होगा. फिर से धरती पर जीवन आएगा और सतयुग शुरू होगा. यानी कि युगों का नया चक्र शुरू होगा. साथ ही इस दौरान एक और भयंकर घटना होगी.
काली मंदिर से निकलेगी भयंकर चीत्कार
भविष्य मालिका पुराण के अनुसार, कलियुग के अंत में चारों दिशाओं से एक प्रचण्ड ध्वनि सुनाई देगी. यह चीत्कार कोलकाता स्थित मां काली की चित्कार होगी. इस मंदिर से निकली यह चित्कार जिनके कानों में पड़ेगी, उनमें से तीन-चौथाई लोग तत्काल मर जाएंगे. केवल एक-चौथाई लोग ही जीवित बचेंगे. जिनके कर्म और आचरण अच्छे होंगे, जो भगवान के सच्चे भक्त होंगे.
माता सती की गिरी थी उंगलियां
कोलकाता का विश्वप्रसिद्ध कालीघाट मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है. यहां देवी सती के दाहिने पैर की उंगलियां गिरी थीं. यह पवित्र शक्तिपीठ तंत्र-मंत्र साधना के लिए भी बेहद प्रसिद्ध है. चूंकि संघर्ष और नैतिक पतन का युग माना जाता है. ऐसे में भक्तों का मानप है कि मां काली की पूजा उन्हें भय से बचाती है और उनकी संकट में रक्षा करती है. कालीघाट मंदिर तांत्रिक पूजा और अनुष्ठानों के लिए एक शक्तिशाली केंद्र है, साथ ही आध्यात्मिक केंद्र भी है. इसे जागृत शक्तिपीठ माना जाता है. मान्यता है कि इस मंदिर के दर्शन मात्र से भक्तों की इच्छाएं पूरी हो जाती हैं.
बता दें कि भविष्य मालिका करीब 600 साल पहले 5 संतों द्वारा लिखा गया एक ग्रंथ है, जिसमें कलियुग और उसके बाद आने वाले सतयुग में होने वाली घटनाओं की भविष्यवाणियां की गई हैं. साथ ही यह ग्रंथ लोगों को धर्म की राह पर चलने की प्रेरणा देता है ताकि विनाश के समय भगवान उनकी रक्षा करें.
(Disclaimer - हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. G News 24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.)










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