G News 24 : जब इंसान टूट जाता है, तब कोई उसे संभाल लेता है,वो है हमारे ईष्ट !

 ईश्वर दिखते नहीं, 'पर हैं 'इसका प्रमाण भी समय समय पर मिलता रहता है  ...

जब इंसान टूट जाता है, तब कोई उसे संभाल लेता है,वो है हमारे ईष्ट !

                                             आगामी नव वर्ष 2026 की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं...

ज़िंदगी में एक समय ऐसा आता है जब इंसान के पास कोई रास्ता नहीं बचता। न पैसा काम आता है, न पहचान, न लोग। उसी अंधेरे में अचानक एक उम्मीद की किरण दिखती है। वही शक्ति जो बिना दिखे इंसान को संभाल लेती है - वही भगवान हैं। हम सोते हैं, जागते हैं, चलते हैं — सांस खुद चलती रहती है। कभी सोचा है किसके आदेश से? अगर इंसान खुद चला रहा होता तो सोते वक्त भूल जाता। यह अपने आप चलने वाली व्यवस्था किसी अदृश्य शक्ति की देन है।  

हर गलती के बाद भी नया मौका मिलना... 

इंसान रोज़ गलती करता है, फिर भी अगली सुबह सूरज दोबारा उगता है। ज़िंदगी खत्म नहीं होती। यह करुणा, यह मौका, यह माफ़ी — भगवान के होने का सबसे सुंदर सबूत है। 

मन की आवाज़ जो गलत से रोकती है ...

जब कोई हमें देख नहीं रहा होता, तब भी अंदर से आवाज़ आती है — “ये गलत है।” यह आवाज़ कानून नहीं, समाज नहीं, बल्कि भगवान की चेतना है जो हर इंसान के भीतर बैठी है। 

प्रकृति का संतुलन अपने आप बना रहता है... 

सूरज रोज़ समय पर उगता है, मौसम बदलते हैं, पेड़ बिना मांगे फल देते हैं। इतना बड़ा सिस्टम बिना किसी शक्ति के नहीं चल सकता। यह संतुलन ही भगवान का मौन संदेश है। 

दर्द में नाम अपने आप निकल जाता है ...

जब चोट लगती है या दिल टूटता है, तब इंसान अनजाने में “हे भगवान” कह देता है। ये शब्द सीखे नहीं जाते, ये आत्मा से निकलते हैं- क्योंकि आत्मा जानती है कि भगवान हैं।  

सब कुछ खोकर भी जो शांति मिल जाए...

कभी-कभी इंसान के पास कुछ नहीं बचता, फिर भी दिल में शांति होती है। वो शांति बाहर से नहीं आती, वो भगवान की उपस्थिति का अहसास होती है। 

सही समय पर सही इंसान का मिल जाना...

कभी कोई अनजान इंसान अचानक मदद कर देता है। कभी कोई शब्द ज़िंदगी बदल देता है। इसे संयोग कहते हैं, पर असल में ये भगवान की योजना होती है। 

उम्मीद जो आख़िरी सांस तक ज़िंदा रहती है... 

इंसान सब हार जाता है, फिर भी कहता है “शायद कल कुछ अच्छा हो जाए।” यह उम्मीद भगवान की दी हुई रोशनी है जो अंधेरे में भी बुझती नहीं।

भगवान दिखते नहीं, महसूस होते हैं... 

भगवान किसी तस्वीर में नहीं, बल्कि माँ की दुआ में, किसी अजनबी की मदद में, और मुश्किल वक्त में मिली ताकत में मिलते हैं। जो महसूस कर ले — उसके लिए भगवान का होना सच बन जाता है। 

अंत में ...

भगवान दिखते नहीं, लेकिन हर सांस, हर उम्मीद और हर मुश्किल में महसूस होते हैं। जब इंसान हार मान लेता है, तब विश्वास उसे संभालता है। जो दिल से भरोसा करता है, वही सच्ची शांति पाता है। भगवान बाहर नहीं, हमारे भीतर ही बसते हैं।

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