G News 24 : कम खपत करने वाले लोगों को मुफ्त मिल सकते हैं सौर ऊर्जा उपकरण

 मौजूदा डाटा से ही चुने जाएंगे सूर्योदय योजना के लाभार्थी...

 कम खपत करने वाले लोगों को मुफ्त मिल सकते हैं सौर ऊर्जा उपकरण

नई दिल्ली। एक करोड़ घरों की छत पर सोलर प्रणाली लगाने की सरकारी योजना सूर्योदय की घोषणा पर अमल करने का रोडमैप बन रहा है। सरकार के पास अपने आंकड़े हैं और इनके आधार पर ही आगे बढ़ा जाएगा। योजना के लिए उन घरों का खासतौर पर चयन किया जाएगा, जहां हर माह तीन सौ यूनिट की बिजली की औसतन खपत होती है। योजना को इस तरह से अंतिम रूप दिया जाएगा कि कुछ दूसरे मंत्रालयों और निजी सेक्टर की भागीदारी हो, ताकि सौर ऊर्जा पैनल लगाने का व्यापक इस्तेमाल हो और जिन घरों में इन्हें लगाया जाए वह इकोनॉमी में ज्यादा अहम भूमिका निभाएं।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने कहा 

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के अधिकारियों ने बताया है कि सूर्योदय योजना देश में सौर ऊर्जा का आम घरों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल का एक रोडमैप देगी। सरकार का सोच है कि पहले इसका दायरे में मध्यम वर्ग के वैसे घर शामिल हों, जहां अभी भी बिजली की खपत कम है। यही वजह है कि एक महीने में तीन सौ यूनिट खपत वाले घरों का चयन किया जाएगा। यह भी विचार चल रहा है कि इन घरों को सौर ऊर्जा उपकरण पूरी तरह से मुफ्त दिए जाएं।

अभी दी जाती है  20 से 40 प्रतिशत तक सब्सिडी

मालूम हो कि अभी जो योजना है उसमें सरकार की तरफ से 20 से 40 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। इन घरों में आमतौर पर कम इलेक्ट्रिक  उपकरणों का इस्तेमाल होता है। लेकिन इस बात की संभावना है सौर ऊर्जा प्रणाली लगाने के बाद इन घरों में इन उपकरणों की मांग बढ़ेगी। इसके लिए सरकार दूसरी एजेंसियों को भी इस योजना में शामिल करने को सोच रही है। जैसे इलेक्ट्रिक चूल्हा बनाने वाली कंपनियों को इसमें शामिल किया जा सकता है, जो इन घरों में आसान किस्तों पर चूल्हे की आपूर्ति कर सकें।

18 हजार करोड़ रुपये की सालाना बचत का अनुमान

22 जनवरी, 2024 को अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद पीएम नरेन्द्र मोदी ने सूर्योदय योजना की घोषणा की थी। उसके बाद एक फरवरी को अंतरिम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसका एलान किया था। अपने बजट अभिभाषण में वित्त मंत्री ने कहा था कि इससे सालाना 15 से 18 हजार करोड़ रुपये की बिजली की बचत की जा सकती है।

उन्होंने इससे इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने और मैन्यूफैक्चरिंग व इनके इंस्टालेशन में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होने की बात कही थी। इसके बाद पीएम नरेन्द्र मोदी ने भी मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन के उद्घाटन भाषण में निजी उद्यमियों को इस योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया था। उन्होंने सौर ऊर्जा से बनी बिजली के लिए बैट्री स्टोरेज क्षेत्र में काम करने पर खास तौर पर जोर दिया था।

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