भारतीय वायुसेना का आज 90वां स्थापना दिवस...

चंडीगढ़ में दिखेगा एयरफोर्स का जोश, जज्बा और जुनून


आज इंडियन एयरफोर्स अपना 90वां वायुसेना दिवस मना रही है. खास बात यह है कि पहली बार किसी एयरबेस से बाहर चंड़ीगढ़  की सुप्रसिद्ध सुखना लेक के आसमान में वायुसेना की ताकत का नजारा सामने आएगा, जिसकी गड़गड़हाट चीन से लेकर पाकिस्तान तक की सीमाओं तक सुनाई पडे़गी. इस दौरान देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहेंगे l इस साल वायुसेना दिवस को दो हिस्सों में बांटा गया है. आज सुबह चंडीगढ़ एयर बेस पर परेड का आयोजन होगा. इस दौरान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी परेड की सलामी लेंगे और वायुसैनिकों को संबोधित करेंगे. इस दौरान एयर बेस पर हेलीकॉप्टर की दो फोर्मेशन की फ्लाई पास्ट भी होगी. इसके अलावा, वायुसैनिकों को वीरता मेडल से भी नवाजा जाएगा. इस खास मौके पर वायुसेना अध्यक्ष एयर फोर्स की नई कॉम्बेट यूनिफॉर्म भी जारी करेंगे l 

वायुसेना दिवस की परेड और फ्लाई-पास्ट अभी तक राजधानी दिल्ली से सटे हिंडन एयर बेस पर होती आई थी, लेकिन इस साल से फ्लाई पास्ट एयर बेस से बाहर करने का फैसला लिया गया है. इस बार ये फ्लाई पास्ट चंड़ीगढ़ की सुखना लेक पर आयोजित किया जाएगा. इस दौरान वायुसेना प्रमुख के साथ-साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहेंगे l वायुसेना के मुताबिक, इस साल फ्लाई पास्ट दोपहर 2.45 से शुरू होकर शाम 4.44 तक चलेगा. एयर बेस से बाहर फ्लाई पास्ट करवाने के पीछे ज्यादा से ज्यादा लोगों को वायुसेना की एयर-पावर देखने का उद्देश्य है. इस साल 75 एयरक्राफ्ट फ्लाई पास्ट में हिस्सा लेंगे, जबकि 9 विमानों को स्टैंड बाय पर रखा जाएगा, यानी कुल मिलाकर 84 फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर और मिलिट्री टांसपोर्ट विमान सुखना लेक के आसमान में दिखाई पड़ेगे. इनमें रफाल लड़ाकू विमानों से लेकर पहली बार हिस्सा लेने वाले स्वदेशी लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर प्रचंड भी शिरकत करेगा l 

सुबह 9 बजे से चंडीगढ़ एयर बेस पर परेड का आयोजन होगा. वहीं फ्लाई पास्ट दोपहर 2.45 से शुरू होकर शाम 4.44 बजे यानी करीब-करीब पूरे दो घंटे चलेगा.सुखना लेक पर चीफ गेस्ट के आने से पहले यानी 2.45 से 3.20 तक भी दर्शकों के लिए तीन एडवेंचर डिस्पिले का आयोजन किया गया है. इसमें बाम्बी-बकट एक्टिविटी दिखाई जाएगी. इसका मतलब यह है कि अगर किसी जंगल में आग लग जाती है तो वायुसेना के हेलीकॉप्टर किस तरह झील से पानी लेकर जंगल की आग बुझाते हैं वो दिखाया जाएगा l दोपहर 3.30 बजे सुखना लेक पर चीफ गेस्ट पहुंचेंगे. इसके बाद एरियल डिस्पेल की शुरुआत होगी. वायुसेना के दो मी-17 और एक चिनूक हेलीकॉप्टर सुखना लेक के बाएं से दाएं तरफ उड़ान भरेंगे, जिसके बाद फ्लाई पास्ट की विधिवत शुरुआत हो जाएगी l 

3 अक्टूबर को ही वायुसेना में शामिल हुए स्वदेशी कॉम्बेट हेलीकॉप्टर, एलसीएच-प्रचंड पहली बार वायुसेना दिवस के समारोह में हिस्सा लेंगे. चार प्रचंड धनुष फोर्मेशन में उड़ान भरेंगे.प्रचंड के बाद एक एलसीए तेजस लड़ाकू विमान फ्लाई पास्ट में हिस्सा लेगा. एलसीए के बाद एक विंटेज एयरक्राफ्ट हार्वर्ड आसमान में दिखाई पड़ेगा. इसके बाद एक के पीछे एक चिनूक और मी-17वी5 आएंगे.

ऐरोहेड फोर्मेशन--दो अपाचे, दो एएलएच-मार्क4 और मी-35 हेलीकॉप्टर एकलव्य कॉलसाइन के साथ फोर्मेशन में आएंगे. ऐरोहेड फोर्मेशन के बाद एक विंटेज डकोटा एयरक्राफ्ट आसमान में उड़ान भरेगा.डकोटा के बाद वायुसेना के हैवीलिफ्ट ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट विक्टरी फोर्मेशन में बिग-बॉय कॉल साइन के साथ सुखना लेक के आसमान में दिखाई पड़ेंगे. इनमें दो एएन-32 और एक-एक आईएल 76 और सी-130 शामिल होंगे.बिग-बॉय के बाद वायुसेना का मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, सी-130 आएगा जिसको फ्लैंक करेगा एक सुखोई फाइटर जेट. इसके बाद ऐरोहेड फोर्मेशन होगी 05 जगुआर फाइटर जेट की जिनका कॉल साइन है शमशेर l  

तीसरी ऐरोहेड फोर्मेशन होगी 03 मिराज 2000 और 03 ही रफाल फाइटर जेट की. इन तीनों ऐरोहेड फोर्मेशन के तीन सुखोई लड़ाकू विमानों का विक्टरी फोर्मेशन होगा, जो सुखना लेक के आसमान में त्रिशूल बनाकर तीन दिशाओं में वर्टिकल स्पिलिट हो जाएंगे.सुखोई के त्रिशूल के बाद होगी फिंगर-4 फोर्मेशन जिसमें एक रफाल, एक जगुआर, एक एलसीए और एक मिराज शामिल होगा. फिंगर-4 के बाद आएगा वायुसेना का सबसे बड़ा मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सी-17 ग्लोबमास्टर और साथ में होंगे 09 हॉक विमान.सी-17 के बाद आएगा सी-130जे सुपर हरक्युलिस विमान. सी-130 के बाद है ट्रांसफोर्मर फोर्मेशन, जिसमें एक-एक रफाल, सुखोई और एलसीए शामिल होंगे. इसके बाद सूर्यकिरन हॉक विमानों और सारंग हेलीकॉप्टर्स का एयर-डिस्पले होगा. एयर डिस्पिले की समाप्ति एक रफाल लड़ाकू विमान से होगी जिसका कॉल साइन है अर्जुन l