2 साल तक लड़ा और 2 साल बाद कोर्ट की तरफ से…

मानहानि का मुआवजा रूपए 11 देने का हुआ आदेश


ग्वालियर। महानगर  में 72 साल के एक बुजुर्ग ने अपनी मानहानि का केस कोर्ट में 2 साल तक लड़ा और 2 साल बाद कोर्ट की तरफ से मानहानि का मुआवजा रूपए 11 देने का आदेश दिया। यह पूरा मामला ग्वालियर की कैथ वाली गली में रहने वाले 72 साल के बुजुर्ग मलखान सिंह परिहार का है जिन्होंने अपने ही पूर्व किराएदार से केस लड़ते हुए रूपए 11 का मुआवजा हासिल किया है।

72 साल के मलखान सिंह परिहार ग्वालियर शहर के नई सड़क की कैथ वाली गली में रहते हैं। भारतीय खाद निगम से रिटायर्ड मलखान सिंह बीते 2 साल से अपने ही पूर्व किराएदार से कोर्ट में केस लड़ रहे थे। मलखान सिंह परिहार ने अपने ही पूर्व किराएदार सुरेंद्र जैन पर मानहानि का दावा किया था और इसी मानहानि के दावे में कोर्ट ने उन्हें 11 रूपए का मुआवजा देने के आदेश दिए है।

जिला कोर्ट के वकील के अनुसार जब किरायेदार  सुरेंद्र जैन मलखान सिंह के मकान में किराए पर रहते थे तब उनका विवाद मलखान सिंह से हो गया था। हालांकि कुछ समय बाद सुरेंद्र जैन ने मलखान सिंह के बगल में ही खुद का मकान बना लिया और वे किराएदार से मलखान सिंह के पड़ोसी बन गए लेकिन दोनों के बीच का झगड़ा शांत नहीं हुआ।

सुरेंद्र जैन के खिलाफ मलखान सिंह ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की थी कि सुरेंद्र जैन के परिवार द्वारा सड़क पर गंदगी फैलाई जाती है और सड़क पर अतिक्रमण कर लिया जाता है। इस शिकायत के बाद दोनों ही परिवारों के बीच रंजिश और गहरी हो गई थी। जिसके बाद सुरेंद्र जैन ने अपने साथियों के साथ मिलकर मलखान सिंह के घर जाकर विवाद किया था। साल 2017 में सुरेंद्र जैन की पत्नी ने मलखान सिंह के बेटे पर आरोप लगाया था कि मलखान सिंह के बेटे गौरव ने उनसे पैसे लिए थे लेकिन वह उधारी के पैसे वापस नहीं लौटाए। 

सुरेंद्र की पत्नी द्वारा की गई शिकायत जांच में गलत पाई गई। इसके बाद मलखान सिंह ने इसे खुद का अपमान बताया और इसके लिए मलखान सिंह ने ग्वालियर कोर्ट में एक मानहानि का दावा पेश कर दिया जिसकी सुनवाई बीते 2 साल से चल रही थी और इसका फैसला आया है,कोर्ट ने मुआवजे के आदेश दिए है। इसके बाद मलखान सिंह कोर्ट के फैसले से संतुष्ट और जीत के बाद प्रसन्न नजर आये।