बैठक में 4 राज्यों के मुख्यमंत्री हुए शामिल हुए…

केंद्रीय गृहमंत्री की अध्यक्षता में हुई भोपाल में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक

भोपाल और इंदौर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा। इसके लिए भोपाल में इंटरनेशनल मानकों के आधार पर इंफ्रास्ट्रक्चर भी लगभग तैयार हो चुका है। UAE (संयुक्त अरब अमीरात) के शहर शारजाह से भोपाल की सीधी कनेक्टिविटी करने का काम भी तेजी से चल रहा है। इसे लेकर भोपाल के मिंटो हॉल में सोमवार सुबह मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में चर्चा हुई। परिषद की ये 23वीं बैठक थी। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने की। बैठक में 4 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान और उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी बैठक में खुद मौजूद रहे। तो वहीं उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल बैठक में वर्चुअली शामिल हुए। 

भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे हॉल में सुबह 11 बजे से मीटिंग शुरू हुई। इस दौरान सभी राज्यों के सीएम ने अपनी मांगों और समस्याओं पर गृह मंत्री अमित शाह से चर्चा की। सरकार के सूत्रों ने बताया कि बैठक में भोपाल, इंदौर व रायपुर हवाई अड्‌डों को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्‌डे के रूप में विकसित करने को लेकर चर्चा हुई। मप्र के अधिकारियों ने बताया कि इंदौर-दुबई के बीच एयर इंडिया की फ्लाइट सप्ताह में इंदौर एयरपोर्ट से केवल 3 दिन संचालित हो रही है। इंदौर एयरपोर्ट इंटरनेशनल एयरपोर्ट घोषित नहीं है, बल्कि कस्टम नोटिफाइड एयरपोर्ट घोषित किया गया है, जिससे एयर इंडिया के पैसेंजर इंदौर से दुबई जाकर वहां फंस जाते हैं। 

क्योंकि यदि उन्हें लंदन जाना है, तो ऐसे में एयर इंडिया का किसी अन्य कंपनी से करार न होने के कारण यह संभव नहीं हो पाता। कुछ कंपनियां इस क्षेत्र में आने को तैयार हैं। इसके लिए उन्होंने ट्रैफिक सर्वे भी किया है। अफसरों ने यह भी बताया कि इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए भोपाल एयरपोर्ट पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार है। इमिग्रेशन व सुरक्षा की तैयारी पूरी हो चुकी है। UAE के शारजाह से भोपाल की कनेक्टिविटी का काम तेजी से चल रहा है। जानकारी के मुताबिक राज्य के विमानन विभाग ने 22 अप्रैल 2022 को इंटरनेशनल काउंसिल सचिवालय को स्थिति से अवगत कराया है कि मुख्यमंत्री ने इस संबंध में विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेटर भेजा है। बता दें कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में कोई भी एयरपोर्ट इंटरनेशनल नहीं है। 

केंद्रीय गृह मंत्री ने इससे पहले हुई बैठक में कहा था कि हर राज्य में कम से कम एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट होना चाहिए। बैठक में बताया गया कि भोपाल एयरपोर्ट एकीकृत बुनियादी ढांचे के साथ घरेलू हवाई अड्‌डा है। जो अंतरराष्ट्रीय संचालन को पूरा कर सकता है। इसका रनवे 2722mx45 मीटर है, जबकि टर्मिनल भवन 26,936 वर्गमीटर है। जहां तक कार्गो हैंडलिंग क्षमता का सवाल है, तो घरेलू कार्गो टर्मिनल 1 फरवरी 2020 को पुराने टर्मिनल भवन में 14,433 मीट्रिक टन की हैंडिलिंग क्षमता के साथ 450 वर्गमीटर के क्षेत्र में चालू किया जा चुका है। घरेलू एयर कार्गो के संचालन के लिए 800 वर्गमीटर के क्षेत्र में नई सुविधा की योजना बनाई गई है। जिसकी 29,200 मीट्रिक टन की सालाना संचालन क्षमता होगी। 

वर्ष 2019-20 से 21-22 में घरेलू कार्गो का संचालन 1526, 1454 व 2113 मीट्रिक टन है। भोपाल व रायपुर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय लोडिंग व अनलोडिंग पॉइंट घोषित करने के लिए अधिसूचना जारी होना है। इंदौर अंतरराष्ट्रीय परिचालन वाला कस्टम हवाई अड्‌डा है। इसका रनवे 2754m x 45m है। जहां तक कार्गो हैंडलिंग क्षमता का सवाल है, तो घरेलू के साथ ही अंतरराट्रीय एयर कार्गो का संचालन किया जा रहा है। 16,644 मीट्रिक टन की वार्षिक क्षमता वाला अंतरराष्ट्रीय एयर कार्गो टर्मिनल 4,466 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाया गया है। घरेलू एयर कार्गो के संचालन के लिए 484 वर्गमीटर के क्षेत्र में 17,666 एमटी की सालाना हैंडलिंग क्षमता वाला घरेलू एयर कार्गो टर्मिनल बनाने की योजना है। 

इंदौर हवाई अड्‌डे पर 200 वर्गमीटर के क्षेत्र में 73,000 मीट्रिक टन की सालाना संचालन क्षमता वाले घरेलू एयर कार्गो टर्मिनल के साथ खराब होने वाले कार्गो केंद्र के निर्माण की योजना बनाई गई है। इस सुविधा को दिसंबर 2022 तक चालू करने की योजना है।बैठक में अनुसूचित जाति, जनजाति कल्याण, किसान कल्याण, महिलाओं व बच्चों के विरुद्ध अपराध की विवेचना, आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद और नक्सलवाद की रोकथाम के लिए विचार-विमर्श किया गया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रस्ताव पर मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में अहम फैसले लिए गए। रायपुर एयरपोर्ट को कार्गो हब बनाना, कोदो- कुटकी का न्यूनतम समर्थन मूल्य केंद्र सरकार घोषित करेगी जैसे फैसले लिए गए। छत्तीसगढ़ सरकार के आग्रह पर यह फैसला भी हुआ है कि गोधन न्याय योजना के तहत निर्मित वर्मी कम्पोस्ट को रासायनिक खाद की तर्ज पर का लाभ प्रदान किया जाएगा। 

इधर, गृह मंत्री के अलग-अलग कार्यक्रमों को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने सोमवार को भोपाल में ट्रैफिक डायवर्ट किया। सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक कई मार्ग गृहमंत्री का काफिला गुजरने के दौरान बंद किए गए हैं। साथ ही, कार्यक्रम स्थल से 3 किमी के इलाके में नो फ्लाई जोन है। दोपहर 3 बजे गृहमंत्री अमित शाह का नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU) के भूमिपूजन का कार्यक्रम भारी बारिश की वजह से रद्द कर दिया गया। अब यह कार्यक्रम रवीन्द्र भवन में होगा। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों की समीक्षा मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव स्वयं करें। मुख्यमंत्री प्रतिमाह और मुख्य सचिव 15 दिन में प्रकरणों की स्थिति देखें। दो माह में विवेचना पूरी होनी चाहिए। 

नक्सलवाद की समस्या को जड़ से खत्म करना है। शाह ने कहा कि सभी राज्य भौगोलिक स्थिति, सकल घरेलू उत्पाद में योगदान और देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। प्रधानमंत्री ने सहकारी संघवाद की भावना को मजबूत करने का काम किया है। टीम इंडिया की अवधारणा को सामने रखकर इसे चरितार्थ किया है। राज्यों के साथ मिलकर नक्सलवाद की समस्या को समाप्त करने के प्रति केंद्र सरकार कटिबद्ध है। 2009 में उग्रवादी हिंसा में 1005 लोगों की मृत्यु हुई थी, जबकि यह 2021 में घटकर 147 हो गई। केंद्र सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। पिछले तीन साल में 40 नए कैंप खोले गए हैं, जबकि 15 और खोले जाने हैं।