पेंशनरों की मंहगाई राहत में हुई बढो़त्तरी…

छटवें वेतनमान पर 174 प्रतिशत, सातवें वेतनमान पर 22 प्रतिशत वृद्धि

ग्वालियर। राज्य शासन ने पेंशनरों को पेंशन पर मंहगाई राहत स्वीकृत कर सभी विभागों को स्वीकृत महंगाई राहत का शीघ्र भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में राज्य शासन के पेंशनरों/परिवार पेंशनरों को एक अक्टूबर 2021 से छटवें वेतनमान में मूल पेंशन/परिवार पेंशन पर 164 प्रतिशत की दर से एवं सातवें वेतनमान में 17 प्रतिशत की दर से मंहगाई राहत स्वीकृत है। राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार पेंशनरों/ परिवार पेंशनरों को वर्तमान में देय मंहगाई राहत की दर में एक मई 2022 से वृद्धि की गई है। वर्तमान में महंगाई राहत की वृद्धि दर छठवें वेतनमान पर 10% और सातवें वेतनमान पर 5% थी। नए आदेश के अनुसार संशोधित महंगाई राहत की दर छठवें वेतनमान पर 174% और सातवें वेतनमान पर 22% हो जाएगी। 

बढ़ी दर एक मई 2022 की पेंशन जो जून 2022 में देय है, से लागू होगी। आदेश के अनुसार 80 वर्ष या उससे अधिक की आयु के पेंशनरों को देय अतिरिक्त पेंशन पर भी महंगाई राहत देय होगी। महंगाई राहत अधिवार्षिकी, सेवानिवृत्त, असमर्थता तथा क्षतिपूर्ति पेंशन पर देय होगी। सेवा से पदच्युत या सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को स्वीकार किए गए अनुकंपा भत्ता पर भी महंगाई राहत की पात्रता होगी। परिवार पेंशन तथा असाधारण पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनरों को भी महंगाई राहत वित्त विभाग के प्रासंगिक आदेश अनुसार देय होगी। यदि किसी व्यक्ति को उसके पति/पत्नी की मृत्यु के कारण अनुकंपा के आधार पर सेवा में रखा गया है, तो ऐसे मामलों में परिवार पेंशन पर महंगाई राहत की पात्रता नहीं होगी। 

यदि पति/पत्नी की मृत्यु के समय वह सेवा में हैं तो पति पत्नी की मृत्यु के कारण देय परिवार पेंशन पर उसे महंगाई राहत की पात्रता होगी। ऐसे पेंशनरों जिन्होंने अपनी पेंशन का एक भाग सारांशीकृत कराया है, उन्हें महंगाई राहत उनकी मूल पेंशन पर देय होगी। यह आदेश राज्य शासन के ऐसे सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर भी लागू होंगे, जिन्होंने उपक्रमों, स्वशासी संस्थानों, मंडलों एवं निगमों आदि में संविलियन पर एकमुश्त राशि आहरित की है और जो पेंशन के एक तिहाई हिस्से के प्रत्यावर्तन के पात्र हो गए हैं। महंगाई राहत के भुगतान पर होने वाले रूपए के अपूर्ण भाग को अगले रूपए में पूर्णांकित किया जायेगा। संचालक पेंशन को बैंक की शाखाओं में नमूना जाँच करने तथा विसंगति की स्थिति में उसका समायोजन आगामी माह के भुगतानों में करने के निर्देश दिये गये हैं।