जिसके घर से रकम बरामद हुई वह टीएमसी से नहीं है…

मंत्री पद से हटाए जाने के बाद पार्थ चटर्जी अब TMC से भी निलंबित

मंत्री पद से हटाए जाने के बाद पार्थ चटर्जी को टीएमसी से भी निलंबित किया गया है। टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पार्थ चटर्जी को महासचिव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और तीन अन्य पदों से हटा दिया गया है। जांच जारी रहने तक उन्हें निलंबित कर दिया गया है। दोषी न साबित होने पर वापस आ सकते हैं। पार्थ का किसी भी एफआईआर में नाम नहीं आया है, लेकिन उन्हें सब पदों से हटा दिया है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि सीएम ने फैसला लिया और आज पार्थ चटर्जी को मंत्री पद से हटा दिया गया। मामले की जांच की जा रही है। 

अगर कोई कुछ गलत करता है तो टीएमसी उसे नहीं बख्शेगी। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस होगा। जांच एजेंसी को समय सीमा के भीतर जांच पूरी करनी होगी। शारदा मामले में भी कुछ नहीं हुआ, यह सिर्फ लटका हुआ है। समयबद्ध जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह (अर्पणा मुखर्जी) जिसके घर से रकम बरामद हुई वह टीएमसी से नहीं है। हम चाहते हैं कि इस मामले से जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। टीएमसी एकमात्र पार्टी है जिसने इस मामले में 7 दिनों के भीतर हस्तक्षेप किया। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मैं सहमत हूं कि बड़ी रकम वसूल की गई, लेकिन आए दिन बैंक फ्रॉड हो रहे हैं, बीजेपी ने क्या कार्रवाई की? नीरव मोदी भाग गए। क्या बीजेपी ने निर्मला सीतारमण को बर्खास्त किया? अधीर चौधरी के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने क्या कार्रवाई की है? 

टीएमसी अपनी बात पर चलने वाली पार्टी है। मैं यह बात काल्पनिक रूप से कह रहा हूं कि अगर पार्थ चटर्जी दो महीने बाद बीजेपी में चले गए तो वे संत बन जाएंगे। चूंकि वह टीएमसी में हैं, इसलिए ये सब हो रहा है। बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती के टीएमसी विधायकों को लेकर किए गए दावे पर टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मिथुन चक्रवर्ती को ये भी नहीं पता कि बंगाल में कितनी विधानसभा सीटें और जिले हैं। वह सिर्फ इस बारे में डींग मारना चाहते हैं कि वह कितने बड़े नेता बन गए हैं। अगर वह खुद का मजाक बनाना चाहते हैं, तो अलग बात है।