कांग्रेस और बीजेपी के बीच भिड़ंत…

दिग्विजय सिंह और विश्वास सारंग के बीच जमकर हुई तू-तू मैं-मैं, बात हाथापाई तक पहुंची !

भोपाल। मध्य प्रदेश में जिला पंचायत चुनाव में आज पंचायत अध्यक्षों को चुना जा रहा है। इस दौरान कई जगहों पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच बहस और विवाद की खबरें सामने आ रही हैं। मगर MP की राजधानी भोपाल में सांसद और कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह की बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं से हाथापाई की नौबत आ गई।  शिवराज के मंत्री और भोपाल से विधायक विश्वास सारंग के साथ दिग्विजय की जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई। बात यहां तक पहुंत गई कि अगर पुलिस के जवान बीच बचाव ना करते तो दोनों कद्दावर नेताओं के बीच मारपीट हो सकती थी। यह घटना भोपाल के जिला पंचायत कार्यालय के बाहर हुई। कांग्रेस के स्थानीय विधायक आरिफ मसूद भी काफी उत्तेजित नजर आए।विवाद की वजह कांग्रेस का आरोप बना। 

इसमें दिग्विजय सिंह ने सरकार और जिला प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई की बात कर हंगामा शुरु किया। मौके पर मंत्री विश्वास सारंग के पहुंचने से विवाद शुरु हो गया। उन पर भी कमेंट करने को लेकर मामला हाथापाई तक पहुंच गई। दिग्विजय सिंह आपे से बाहर नजर आए और प्रशासन पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। भोपाल जिला पंचायत के चुनाव में अधिकांश कांग्रेस समर्थित सदस्य चुनाव जीते हैं। ऐसे में बीजेपी जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर अपने प्रत्याशी को निर्वाचित कराना चाहती है, जिसको लेकर राजनीति तेज हो गई है। भोपाल जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा ने परचम लहराया है। भाजपा की श्रीमती राम कुंवर नोरंग गुर्जर भोपाल की जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुई हैं। 

भोपाल जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर राजधानी भोपाल जिला पंचायत कार्यालय में निर्वाचन की प्रक्रिया हुई। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा और आरिफ मसूद समेत कांग्रेस के तमाम नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। भोपाल में अध्यक्ष चुनाव के लिए वोटिंग से पहले कांग्रेस समर्थित 4 सदस्य गायब हो गए। कांग्रेस का आरोप हैं कि, बीजेपी ने कांग्रेस समर्थित चार सदस्यों को किडनैप किया है। कांग्रेस का दावा है कि हमारे 8 सदस्य जीते थे, चार जिला पंचायत कार्यालय ने जबकि चार को बीजेपी ने किडनैप किया है। कांग्रेस का आरोप है कि, हमारे सदस्य बीजेपी को वोट देने से मना कर रहे थे, इसलिए समय बदला जा रहा हैं।

 दिग्विजय सिंह का एक बयान सामने आया है। जिसमें उनका कहना है कि, जिस भी कांग्रेस सदस्य ने कांग्रेस के उम्मीदवार को वोट नहीं दिया, उसे मैं कांग्रेस में नहीं आने दूंगा। उसे आज ही पार्टी से निष्कासित कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि, कांग्रेस समर्थित जिला पंचायत के एक सदस्य को मुख्यमंत्री निवास ले जाया गया था। जहां से वह बीजेपी नेता शैतान सिंह पाल, भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के साथ जिला पंचायत कार्यालय आए थे। उस दौरान कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह समेत कांग्रेस नेताओं ने उन्हें जिला पंचायत कार्यालय के अंदर गाड़ी समेत जाने से रोक दिया था, जिसके चलते पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच झड़प भी हुई।