अवकाश का दिन होने के बावजूद निकाल दिया लाइन अटैच का आदेश…

एसपी को गुमराह करना थाना प्रभारी को पड़ा महंगा !

मुरैना की नूराबाद थाना प्रभारी आरती चराटे ने एसपी आशुतोष बागरी को गुमराह किया जिस पर SP ने उन्हें तुरंत लाइन अटैच कर दिया है। TI के गुमराह करने पर SP इतने नाराज हुए कि उन्होंने अवकाश का दिन होने के बावजूद उनके लाइन अटैच का आदेश निकाल दिया। लाइन अटैच के बाद जिले के सभी थाना प्रभारी अब अलर्ट मोड में आ गए हैं। बता दें, कि SP को गुमराह करने की यह सजा टीआई को भुगतना पड़ी है। जानकारी के मुताबिक नूराबाद थाना प्रभारी आरती चराटे ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया था। उस व्यक्ति को वह लॉकअप में तीन दिन तक बंद रखे रहीं। 

उस व्यक्ति के परिजनों ने SP आशुतोष बागरी से जाकर निवेदन किया कि उनके परिवार के सदस्य को नूराबाद थाना प्रभारी ने बिना वजह तीन दिन से लॉकअप में बंद किया हुआ है तो SP ने टीआई आरती चराटे से पूछा कि आपने उसे क्यों बंद कर रखा है। अगर उसके खिलाफ ठोस सबूत हों तो अपराध पंजीबद्ध करके न्यायालय में भेज दें या फिर उसे छोड़ दें। इस पर टीआई ने उन्हें तुरंत जवाब दिया कि उसको छोड़ दिया गया है। इस पर SP ने जब युवक के परिजनों से कहा तो परिजन बोले कि टीआई झूठ बोल रही हैं, उन्होंने उसे नहीं छोड़ा है। इस पर SP ने तुरंत नूराबाद थाना पहुंचे तो देखा कि वह व्यक्ति लॉकअप में मौजूद था। इस पर SP ने उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए इस झूठ बोलने का जब कारण पूछा तो वे कोई जवाब नहीं दे सकीं। इसके बाद तुरंत SP ने उसी दिन तुरंत उनके खिलाफ लाइन अटैच का आदेश निकाल दिया। 

बताया जाता है कि टीआई आरती चराटे उस व्यक्ति के जबरन लॉकअप में बंद किए थीं। उसको जबरन बंद करने के पीछे टीआई का स्वार्थ बताया जा रहा है। परिजनों ने एसपी से जब इस बात की शिकायत की तो SP ने तुरंत छोड़ने के आदेश दिए थे लेकिन टीआई ने तुरंत झूठ बोल दिया जिसकी तस्दीक करने जब एसपी स्वयं मौके पर पहुंचे तो सारा मामला खुल गया। थाना प्रभारी को वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने के मामले में लाइन अटैच किया गया है। हमने उनसे एक व्यक्ति के बारे में जानकारी मांगी थी जो उन्होंने हमें गलत दी। उसके बाद जब हम तुरंत मौके पर थाने गए तो वहां उनकी मौजूदगी में व्यक्ति हमें वहां मिला, जिस पर उनको लाइन अटैच किया गया है।