अधिवक्ता कमिश्नर सहित वादी प्रतिवादी पक्ष के लोग और वकील ज्ञानवापी परिसर पहुंचे…

मस्जिद के सर्वे की कार्यवाही शुरू, सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम

वाराणसी। ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे की कार्यवाही शुरू हो गई है। अधिवक्ता कमिश्नर सहित वादी प्रतिवादी पक्ष के लोग और वकील ज्ञानवापी परिसर पहुंचे हैं। दूसरे दिन का सर्वे जारी करने के लिए टीम ज्ञानवापी परिसर में जाने के लिए विश्वनाथ धाम के अंदर पहुंच चुकी है। अधिवक्ता कमिश्नर विशाल सिंह ने बताया कि शांतिपूर्ण तरीके से सर्वे की कार्यवाही चल रही है। जहां वादी और प्रतिवादी सभी लोग इसमें सहयोग कर रहे है। किसी प्रकार की कोई भी रुकावट और कोई बाधा नहीं है। आज मस्जिद के ऊपरी कमरों का सर्वेक्षण होगा। इस दौरान मस्जिद में मौजूद एक कमरे को खोला जाएगा, जिसमें बताया जा रहा है कि मलबा भरा हुआ है। इसके अलावा मस्जिद के गुंबदों का सर्वे भी अहम है। न्यायालय के आदेश पर वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर में सर्वे की कार्यवाही शनिवार को भी हुई। 

14 मई को मस्जिद के तहखाने के चार कमरों और पश्चिमी दीवार के सर्वे की कार्यवाही पूरी हुई। शनिवार की अपेक्षा आज पुलिस का पहरा और सख्त हुआ है। वहीं, मीडिया को भी शनिवार की अपेक्षा दूर रखा गया है। न्यायालय के आदेश पर शनिवार को वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर में सर्वे की कार्यवाही पूरी हुई। सर्वे के दौरान एडवोकेट कमिश्नर अजय मिश्रा, विशाल सिंह और असिस्टेंट कमिश्नर अजय प्रताप मौजूद रहे। वाराणसी पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने बताया कि सर्वे शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। ज्ञानवापी मस्जिद के ऊपर के कमरों का सर्वे रविवार को होगा। शनिवार को सर्वे के दौरान डीएम वाराणसी भी तहखाने में मौजूद थे। सर्वे के दौरान एक और तहखाना मिला। 

तहखाने के चारों कमरों का सर्वे शनिवार को पूरा कर लिया गया। टीम ने पश्चिमी दीवार और नंदी के पास के इलाके का भी सर्वे किया। तहखाने का एक कमरा हिंदू और तीन कमरे मुसलमानों के पास हैं। गौरतलब है कि ज्ञानवापी-शृंगार गौरी प्रकरण में शनिवार को वकील कमिश्नर अजय मिश्रा के साथ वादी-प्रतिवादी पक्ष के लोग परिसर में पहुंचे थे। वाराणसी जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि शनिवार को 50 प्रतिशत सर्वे की कार्रवाई पूरी हो गई। सर्वे में क्या हुआ, किस जगह का सर्वे हुआ, यह कोर्ट के आदेश के कारण बताया नहीं जा सकता है। शेष सर्वे की कार्यवाही रविवार को पूरी होगी। 

शनिवार की कार्यवाही से सभी पक्ष पूरी तरह से संतुष्ट हैं वीडियोग्राफी करने वाले वीडियो ग्राफर ने बताया कि अंदर अंधेरा होने की वजह से कुछ दिक्कतें थीं, लेकिन वाराणसी प्रशासन की तरफ से इस दिशा में पहल करते हुए लाइट की व्यवस्था की गई और अंदर फोटोग्राफी पूरी हो सकी। इस मामले में हिंदू पक्ष के वकीलों का कहना है कि कार्यवाही के तहत अंदर बहुत सी ऐसी चीजें मिली हैं जिनको बताना उचित नहीं है। यह सारी चीजें न्यायालय के समक्ष सबूत के तौर पर रखी जाएंगी। शनिवार को लगभग 4 घंटे चले सर्वे में तहखाना समेत मस्जिद के बाहरी हिस्सों की वीडियोग्राफी की गई। रविवार सुबह 8:00 बजे से वीडियोग्राफी फिर से शुरू की जाएगी और 12:00 बजे तक जारी रहेगी। 

गौरतलब है कि अगर रविवार को काम पूरा नहीं होगा तो सोमवार को भी सर्वे की वीडियोग्राफी की जाएगी। इस प्रकरण में वादी सीता साहू का कहना है कि आज हमें काफी संतोष मिला है। प्रशासन ने पूरा सहयोग दिया, हम अंदर गए, तहखाने में भी दाखिल हुए और वीडियोग्राफी की कार्यवाही बिना किसी परेशानी के पूरी हुई। हिंदू पक्ष के वकीलों का कहना है कि मुस्लिम पक्ष की तरफ से और प्रशासन की तरफ से पूरा सहयोग किया गया। किसी तरह का कोई विरोध नहीं हुआ और शांतिपूर्ण तरीके से 4 घंटे तक सर्वेक्षण का काम चलता रहा। अंदर क्या मिला क्या नहीं मिला इस बारे में सभी ने चुप्पी साध रखी है, लेकिन कई सालों से बंद कमरे अंधेरे में डूबे हुए थे। प्रशासन ने बाद में रोशनी की व्यवस्था की जिसके बाद वीडियोग्राफर्स ने अपना काम पूरा किया।

वाराणसी के कमिश्नर ए सतीश गणेश ने बताया कि शनिवार की कार्यवाही पूरी हो गई और रविवार को सुबह 8 बजे फिर सर्वे होगा। मीडिया को ज्ञानवापी परिसर और मुख्य द्वार से लगभग 1 किलोमीटर दूर ही रोक दिया गया। ज्ञानवापी मस्जिद की वीडियोग्राफी सर्वे की कार्यवाही सुबह 8 बजे शुरू हुई और दोपहर 12 बजे तक चली। ज्ञानवापी मस्जिद के आसपास भारी पुलिस तैनात रहा। इससे पहले जिला प्रशासन के अल्टीमेटम के बावजूद इंतजामियां कमेटी ने तहखाने की चाबी नहीं सौंपी थी। सर्वे टीम ने चाबी मिलने के लिए इंतजार किया। कोर्ट के आदेश के मुताबिक जिलाधिकारी वाराणसी ने अंजुमन इंतजामियां मसाजिद से मस्जिद के अंदर बंद तालों की चाबी हैंड ओवर करने के लिए नोटिस जारी किया था।

जिलाधिकारी वाराणसी ने दोनों पक्षों को अमन-चैन बनाए रखने की हिदायत दी थी। प्रारंभिक सूचना के मुताबिक जिला प्रशासन की निगरानी में 16 मई तक लगातार वीडियोग्राफी सर्वे की कार्यवाही पूरी की जाएगी। यदि कार्रवाई पूरी नहीं होती है, तो 17 मई को कोर्ट से अनुमति लेने के बाद कार्यवाही पूरी करके रिपोर्ट फाइल की जाएगी। दिल्ली की राखी सिंह, लक्ष्मी देवी, मंजू व्यास, सीता साहू और रेखा पाठक ने 18 अगस्त 2021 को संयुक्त रूप से सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत में याचिका दायर कर मांग की थी कि काशी विश्वनाथ धाम-ज्ञानवापी परिसर स्थित शृंगार गौरी और विग्रहों को 1991 की पूर्व स्थिति की तरह नियमित दर्शन-पूजन के लिए सौंपा जाए। 

आदि विश्वेश्वर परिवार के विग्रहों की यथास्थिति रखी जाए। सुनवाई के क्रम में 8 अप्रैल 2022 को अदालत ने कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया था। अदालत ने मुस्लिम पक्ष की कोर्ट कमिश्नर को हटाने की मांग को 12 मई को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कोर्ट कमिश्नर के साथ दो नए वकील भी जोड़े थे। अदालत ने पूरे मस्जिद परिसर का सर्वे करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा था कि जब तक मस्जिद के मिशन की कार्यवाही पूरी नहीं होती है, तब तक सर्वे जारी रहेगा। 17 मई को सर्वे की रिपोर्ट को कोर्ट में सौंपा जाना है। कोर्ट ने कहा कि मस्जिद के चप्पे-चप्पे का सर्वे होगा।