मध्य प्रदेश की राजधानी सिर्फ नाम से ही नहीं अपने कामो से भी बड़ी है

भोपालियों की जिंदादिली...

भोपाल के लोगों ने गुरुवार रात बता दिया कि वे कितने संवेदनशील हैं। रात करीब सवा दस बजे सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हुआ। मैसेज में कहा गया था कि 24 दिन की एक बच्ची को दिल की बीमारी है और उसे इलाज के लिए राजधानी एक्सप्रेस से नागपुर से दिल्ली ले जाया जा रहा है। रास्ते में उसका ऑक्सीजन सिलेंडर फेल हो गया है। बच्ची को मदद की जरूरत है। मैसेज वायरल होते ही भोपाल में लोगों ने ऑक्सीजन सिलेंडर खोजने शुरू कर दिए। मैसेज के मुताबिक बच्ची के लिए 15 किलो के ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत थी। 

भोपाल के समाजसेवी और अस्पताल संचालक ऑक्सीजन के इंतजाम में जुट गए। रात 2 बजे जब ट्रेन भोपाल स्टेशन पहुंची, तब वहां चार से पांच ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के साथ चाइल्ड स्पेशलिस्ट भी मौजूद थे। ट्रेन के पहुंचने पर निकिता प्रवीण सहारे की बच्ची को तुरंत ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया। चाइल्ड स्पेशलिस्ट ने उसके स्वास्थ्य की जांच भी की। इसके बाद बच्ची के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन के इंतजाम के साथ ट्रेन को रवाना किया गया। कोरोना संकट काल के दौरान भोपाल में मदद पहुंचाने वाले सोशल वर्कर्स पंकज सूद, निहाल जावंधिया, रिषभ शर्मा और अभिषेक समेत ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर स्टेशन पर पहुंचे थे। 

पंकज सूद ने बताया कि वायरल मैसेज में दिया गया नंबर जिनका था, वे नागपुर में थे। उन्होंने बच्ची के पिता का जो नंबर दिया था, उस पर कॉल नहीं जा रही थी। ऐसे में परिवार से संपर्क करना मुश्किल हो रहा था। जैसे-तैसे बच्ची की मां से संपर्क हुआ तो पता चला कि ऑक्सीजन खत्म हो चुकी है और ट्रेन में कोई मदद नहीं मिल पा रही है। इसके बाद सभी ने इसे इमरजेंसी केस मानकर चंद घंटों में छह ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर अरेंज कर दिए।

सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल होने के बाद लोगों के साथ भोपाल जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसर भी अलर्ट हो गए। उन्होंने अपने अधीनस्थ अमले और अस्पतालों को मदद पहुंचाने के लिए निर्देशित किया। ट्रेन भोपाल आने से पहले भोपाल के जिला अस्पताल (जेपी हॉस्पिटल) के साथ दो बड़े निजी अस्पतालों से ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर कर्मचारी और चाइल्ड स्पेशलिस्ट रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे। सभी बच्ची को ऑक्सीजन सपोर्ट मिलने और ट्रेन रवाना होने तक स्टेशन पर ही मौजूद रहे। वहीं, MP के सीनियर IAS अफसर पी. नरहरि भी ट्रेन के भोपाल से रवाना होने तक अपडेट लेते रहे।