यूक्रेन में तबाही का मंजर…

1,026 यूक्रेनी नौसैनिकों ने किया सरेंडर : रूस

रूस और यूक्रेन के बीच जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। 50 दिन पूरे होने के बाद भी जंग के हालात बने हुए हैं। भले ही यूक्रेन ने कई बार रूस के नुकसान पहुंचाने की बात कही हो, वीडियोज जारी किए हों, लेकिन हालात यही कह रहे हैं कि यूक्रेन में रूस ने भारी नुकसान पहुुंचाया है। पूर्वी यूक्रेन में बड़ी संख्या में रूसी सैनिक तैनात हैं। सैटेलाइट तस्वीरों में रूस का बड़ा काफिला देखा जा सकता है। खबर तो रूस के इस दावे की भी है जिसमें उसने कहा कि 1,026 यूक्रेनी नौसैनिकों ने रूस के समक्ष सरेंडर कर दिया है। रूसी सेना के निर्माण पर नजर रखने वाली अमेरिका की मैक्सार टेक्नोलॉजीज ने तस्वीरें जारी की है। इसमें रूसी टैंक नजर आ रहे हैं। तस्वीर में बेल्गोरोद में रूसी काफिले की तैनाती देखी जा सकती है। इधर, रूस ने दावा किया है कि 162 अधिकारियों सहित यूक्रेन की 36वीं मरीन ब्रिगेड के 1,026 नौसैनिकों ने मारियुपोल में आत्मसमर्पण कर दिया है। 

पुतिन का करीबी गिरफ्तार, जेलेंस्की ने कहा-हमारे कैद नागरिकों को छोड़ें, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के करीबी विक्टर मेदवेदचुक को यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों ने गिरफ्तार कर लिया है। राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भी गिरफ्तार मेदवेदचुक की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस के हमले शुरू होने से पहले यूक्रेन में विपक्षी नेता मेदवेदचुक को देशद्रोह के केस में नजरबंद रखा गया था, लेकिन वह युद्ध शुरू होने के तुरंत बाद गायब हो गए थे। वहीं, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस के सामने एक प्रस्ताव रखा है। उन्होंने रूस से कहा है कि, अगर आप मेदवेदचुक को सुरक्षित चाहते हैं तो कैदी बनाए गए यूक्रेन के नागरिकों को आजाद कर दें। राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन का कहना है कि यूक्रेन के साथ अब पीस डायलॉग नहीं हो सकता है। 

पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ हमला जारी रखने की कमस खाई है, क्योंकि कीव ने मॉस्को पर वार्ता तोड़ने का आरोप लगाया था। यूक्रेन जंग के बीच अब फिनलैंड रूस में टकराव का खतरा बढ़ गया है। फिनलैंड ने हाल ही में नाटो के लिए दिलचस्पी दिखाई थी। इससे भड़के पुतिन ने हथियारों से लैस रूसी सेना की फिनलैंड बॉर्डर की तरफ भेज दिया। यूक्रेन सरकार ने रूसी हमले में तबाह हुए शहरों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को फिर डेवलप करना शुरू कर दिया है। इन शहरों में जितोमिर, जपोरिजिया, कीव, मायकोलाइव, सुमी, खार्किव और चेर्निहाइव शामिल हैं। यूक्रेन का दावा है कि जंग में अब तक रूस के 19,500 सैनिकों की मौत हो गई है। यूक्रेन ने रूस के 732 टैंकों और 157 विमानों को भी तबाह कर दिया है। दूसरी तरफ यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में एक बार फिर नए सिरे से लड़ाई शुरू हो सकती है। यूक्रेन की महिलाएं भी जंगी मोर्चे से लेकर घर-गृहस्थी और बच्चों को संभाल रही हैं। 

लंबे समय से वॉर फोटोग्राफी कर रहे एरिन ट्रिबे ने यूक्रेनी की महिलाओं के हौसले को अपनी आंखों से देखा है। यूक्रेनी महिलाएं देश की ढाल बन चुकी हैं। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने रूसी सेना के सब कुछ प्लान के मुताबिक चल रहा है वाले दावे पर सवाल खड़ा किया है। ब्रिटेन ने कहा कि रूस ने जिस मकसद के साथ युद्ध शुरू किया था वो नाकाम रहा है। अब 6 रूसी जनरल मारे जा चुके हैं, जबकि 2000 से ज्यादा डिफेंस इक्विपमेंट तबाह हो चुके हैं। मारियुपोल सिटी काउंसिल का कहना है कि 33,500 से ज्यादा यूक्रेनी नागरिकों को गलत तरीके रूस भेज गया है। इन लोगों को वापस लाने का काम जारी है। वहीं, डोनेट्स्क गवर्नर का दावा है कि रूसी हमले में मारियुपोल के 22 हजार लोग मारे गए हैं इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी कि रूस ने मारियुपोल में केमिकल हथियारों का इस्तेमाल किया था।