राज्य सरकार व परिवहन विभाग ने की विशेष तैयारी…

मध्यप्रदेश में नींव का पत्थर साबित होगी ग्रामीण परिवहन नीति !


ग्वालियर। मध्यप्रदेश में ग्रामीण परिवहन नीति नींव का पत्थर साबित होगी। इसके लिये राज्य सरकार व परिवहन विभाग ने विशंष तैयारी की है। सूत्रों के मुताबिक जल्दी ही विदिशा मं इसकी शुरूआत के बाद प्रदेश के अन्य शहरों में भी इसे ग्रामीण स्तर तक विस्तारित किया जा सकता है। इस ग्रामीण परिवहन नीति के लिये मप्र के परिवहन आयुक्त मुकेश जैन सहित उनकी पूरी टीम ने व्यापक मेहनत की है। सूत्रों के मुताबिक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत बहुत समय से सडक परिवहन निगम बंद होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक परिवहन सुविधा के लिये प्रयास रत थे। इसी के चलते उन्होंने विभागीय व परिवहन अधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी थी। 

जिसके बाद परिवहन आयुक्त मुकेश जैन , अपर आयुक्त अरविंद सक्सैना सहित उनकी चुनिंदा टीम ने इस नीति के प्रस्तावित मसौदे को तैयार किया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपने गंतव्य तक जाने के लिये सस्ती परिवहन सेवा का लाभ मिल सके। अब ग्रामीण परिवहन नीति का समूचा मसौदा तैयार है और मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री की भी हरी झंडी मिल चुकी है। संभवत: इसे सबसे पहले मुख्यमंत्री के गृह जिले में ही पायलेट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किया जा सकता है। इसके शुरू होने के बाद ग्रामीण अंचलों के लोगों को सस्ती परिवहन सेवा प्राप्त हो सकेगी। 

परिवहन विभाग के सूत्रों का कहना है कि परिवहन आयुक्त मुकेश जैन और उनकी टीम के अधिकारियों के विशेष प्रयासों से ग्रामीण परिवहन नीति को बहुत सोच समझ कर गहन अध्ययन के बाद तैयार किया गया है। इस नीति के लागू होने के बाद इसे ग्रामीण क्षेत्रों से परिवहन क्रांति के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के लोग तो लाभान्वित होंगे ही , साथ ही ७ व २० सीटर वाले वाहन मालिकों को भी सीधा प्रत्यक्ष व नियमित रोजगार हासिल हो सकेगा। ग्रामीण परिवहन नीति व्यापक स्तर पर विचार विमर्श के बाद लाये हैं, यह नीति ग्रामीण क्षेत्रों में एक नई परिवहन क्रामति के रूप में जानी जायेगी, जिसमें ग्रामीणों को किफायती दर पर यातायात वाहनों में यातायात की सुविधा होगी।