MITS ग्वालियर में खुला प्रदेश का पहला ड्रोन स्कूल…

ड्रोन स्कूल रोजगार के नए रास्ते खोलेगा : CM शिवराज

 

प्रदेश का पहला ड्रोन स्कूल ग्वालियर में शुरू हो गया है। गुरुवार शाम को सीएम शिवराज सिंह ने केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेन्द्र सिंह तोमर के साथ ड्रोन स्कूल का शुभारंभ किया। इस मौके पर सीएम ने खुद ड्रोन भी उड़ाकर देखा। स्कूल के शुभारंभ पर सीएम शिवराज बोले हैं कि ड्रोन सिर्फ खेलने के लिए नहीं है। आने वाले समय में यह बहुत उपयोग साबित होगा। इससे कृषि का विकास होगा, स्वास्थ्य सुधार होगा। इसके साथ-साथ ड्रोन शिक्षा प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएगी। MITS के इसी मैदान पर कुछ समय पहले हमने ड्रोन मेला लगाया था उस समय प्रदेश में पांच ड्रोन स्कूल खोलने की घोषण की थी। पहला स्कूल प्रदेश के ग्वालियर में खुल गया है। इसके लिए केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों की सराहना करता हूं।

ग्वालियर में तीन महीने पहले MITS संस्थान के मैदान पर केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से ड्रोन मेला लगाया गया था। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सीएम शिवराज सिंह और विशेष अतिथि के रूप मंे केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर शामिल हुए थे। जब देश की 11 कंपनियों ने 32 तरह के ड्रोन का प्रदर्शन किया था। उस समय सीएम ने घोषणा की थी कि प्रदेश में जल्द पांच ड्रोन स्कूल खोलने की घोषणा की थी। यह ड्रोन स्कूल इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर सतना में खोले जाने थे। सीएम शिवराज सिंह और केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जो संकल्प लिया था उसकी शुरुआत गुरुवार को हो गई है। प्रदेश का पहला ड्रोन स्कूल ग्वालियर के MITS मंे खुला है।

गुरुवार को ड्रोन स्कूल के शुभारंभ के लिए प्रदेश के मुखिया सीएम शिवराज सिंह ग्वालियर पहुंचे। उनके साथ में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी थे। सीएम शिवराज सिंह MITS में ड्रोन स्कूल का शुभारंभ किया है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ड्रोन का उपयोग बढ़ेगा और ड्रोन स्कूल छात्राें को रोजगार के नए रास्ते खोलेगा। कृषि मंे इसका बहुत बेहत्तर उपयोग किया जा रहा है और आगे किया जा सकता है। खेतांे में कीटनाशक उर्वरक के छिड़काव के दौरान स्वास्थ्य को तो खतरा रहता ही है साथ ही दवा के कम ज्यादा छिडकाव से फसल पर भी असर पड़ता है, लेकिन ड्रोन इसमंे काफी सहायक है। एक जैसा छिड़काव पूरे खेत में कम समय में कम कीटनाशक खर्च कर किया जा सकेगा। कृषि के विकास में यह काफी सहायक तो होगा ही साथ ही कई क्षेत्रों मंे इसके फायदे हैं।