अपने स्थान पर दूसरों से परीक्षा दिलाने का था मामला…

आरक्षक भर्ती परीक्षा घोटाले में फैसला, CBI कोर्ट ने आरोपियों को दी 7-7 साल की सजा

 

भोपाल। राजधानी जिला न्यायालय की सीबीआई कोर्ट द्वारा आज व्यापम आरक्षक भर्ती परीक्षा 2013 मामले में दो आरोपियों को दोषी मानते हुए 7-7 साल के कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही जुर्माना भी लगाया गया। दोनों आरोपी भारतीय दंड विधान की धारा 419, 420, 467, 471, 468 सहित धारा 120 बी के तहत दोषी पाए गए हैं। दरअसल, मध्यप्रदेश व्यवसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) प्रदेश की शासकीय सेवाओं के लिए परीक्षाओं का आयोजन करता रहा है। इसी क्रम में 2013 में पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा, वर्ग-2 में व्यापक रूप से गड़बड़ी प्राप्त हुई थीं। गड़बड़ियों की शिकायत के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पूरे मामले में जांच के लिए एसआईटी का गठन भी किया गया था।

एसआईटी की जांच में कई लोगों पर अपने स्थान पर दूसरों से परीक्षा दिलाने के मामला सामने आया था। ऐसे ही एक मामले में आज भोपाल सीबीआई स्पेशल कोर्ट के न्यायधीश नीति राज सिंह सिसोदिया ने दो आरोपियों को 7-7 साल की सजा सुनाते हुए जुर्माना भी लगाया। सीबीआई की लोक अभियोजन मधु उपाध्याय ने कहा कि, 2013 में आयोजक पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में आरोपी सत्यनारायण यादव पिता रामाशंकर यादव ने अपने स्थान पर लक्ष्मीनारायण यादव पिता रामनरेश यादव से परीक्षा दिलवाई थी। जांच कर रही एसआईटी टीम ने रमाशंकर यादव और लक्ष्मीनारायण को आरोपी बनाया था जिस पर आज सीबीआई विशेष अदालत ने अपना फैसला सुनाया है।