मास्क नजर आया सोशल डिस्टेंस

नए साल के जश्न में बार-बार टूटी कोविड गाइडलाइन...

 

ग्वालियर में नए साल के जश्न में बार-बार टूटी कोविड गाइड लाइन। ग्वालियर किला, चिड़ियाघर, म्यूजियम में दोपहर 2 बजे तक ही 25 हजार से ज्यादा सैलानी पहुंच चुके थे। पर इस भीड़ के बीच कोरोना का खतरा भी देखने में नजर आया। प्रशासन के लाख दावों के बाद भी तो वहां लोग मास्क में नजर आए ही सोशल डिस्टेंस दिखाई दिया।पर्यटन स्थल पहुंचे सैलानी गुटों में भीड़ लगाते हुए नजर आए हैं। जब किला पर घूमने आए लोगों से पूछा कि वह मास्क क्यों नहीं पहने हैं और कोरोना का वैरिएंट ओमिक्रॉन कितना खतरनाक है यह नहीं जानते हैं क्या तो कुछ ने तो ओमिक्रॉन नाम ही नहीं सुनने की बात कही। यह सुनकर आश्चर्य जरुर हुआ है। वायरस के इस वैरिएंट से पूरे विश्व में दहशत है और लोग अभी भी इसके प्रभाव से अनजान हैं।

चिड़ियाघर में दोपहर 2 बजे तक पहुंचे थे 8 हजार सैलानी : शहर के बीच में फूलबाग पर गांधी प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में दोपहर 2 बजे तक भीड़ का यह आलम था कि यहां पैर तक रखने के लिए जगह नहीं थी। सुबह 10 बजे से सैलानी चिड़ियाघर में पहुंचना शुरू हो गए थे। दोपहर तक 5000 ऑनलाइन टिकट बिक चुके थे। साथ ही 3000 टिकट रसीद कट्टे (विंडो) से लिए गए थे। इस तरह करीब 8 हजार से ज्यादा लोग दोपहर तक ही चिड़ियाघर में विजिट कर चुके थे। सबसे ज्यादा चर्चा हाल ही में चिड़ियाघर की मादा टाइगर मीरा के नन्हे शावकों को देखने की थी। दिन मंे धूप कम होने पर मीरा के नन्हे टाइगर कम ही बाहर निकले, लेकिन जितना भी वह बाहर आए उन्हें देखकर सैलानियों ने एन्जॉय किया।

किले पर सुबह से ही भीड़, हर रास्ते पर लगा जाम : ग्वालियर की पहचान और अभी तक अजेय माना जाने वाला ग्वालियर किला भी सैलानियों के घूमने के लिए काफी चर्चित है। नए साल के पहले दिन शनिवार को सुबह से ही किले पर घूमने के लिए सैलानियों की भीड़ रही। किले स्थित मंदिर और एतिहासिक महल और स्थल देखने के लिए लोग ऐसे निकले कि किले पर जाने वाले हर रास्ते पर जाम लगा था। दोपहर दो बजे तक किले पर 15 हजार से ज्यादा सैलानी पहुंच चुके थे। वो बात अलग है कि टिकट लेकर मानसिक महल, म्यूजियम अन्य दर्शनिक स्थल घूमने वालों ने 2200 से ही टिकट लिए थे। किले पर भी घूमने वाले मास्क और सोशल डिस्टेंस में नजर नहीं आए। इनमें बच्चे भी काफी संख्य में मौजूद थे। जिनको वायरस की चपेट में आने का खतरा मंडरा रहा है।

नो मास्क नो एन्ट्री का था दावा : पर्यटन स्थल पर नो मास्क नो एन्ट्री का नियम लागू कर दिया है। इस समय कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की दहशत है। कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। जिससे माना जा रहा है कि कभी भी कोरोना की तीसरी संभावित लहर सकती है। इसलिए मास्क लागू कर दिया है। प्रशासन का दावा था कि बिना मास्क आपको किसी भी पर्यटन स्थल, चिड़ियाघर, म्यूजियम में गेट से अंदर ही नहीं जाने दिया जाएगा।

वैक्सीन सार्टिफिकेट दिखाने पर ही मिला टिकट : यदि आप किसी भी पर्यटन स्थल पर जैसे किला, म्यूजियम या चिड़ियाघर जा रहे हैं तो यह भी जान लें कि यहां विंडो से टिकट लेने के लिए आपको वैक्सीन का सार्टिफिकेट दिखाना ही पड़ेगा। पर्यटन विभाग ने भी वैक्सीन सार्टिफिकेट अनिवार्य किया है। इसलिए आप अपना वैक्सीन सार्टिफिकेट साथ ले जाएं। उसकी सॉफ्ट कॉपी या हार्ड कॉपी जरुर पास रखें।

यह है पर्यटन स्थलों की गाइड लाइन : स्टेट गाइडलाइन को ही ग्वालियर कलेक्टर ने जिले की गाइडलाइन के रूप में जारी किया है। जिसके मुताबिक यह नियम लागू होंगे और उनका पालन करने पर जुर्माना भी भरना पड़ सकता है।

  • बिना मास्क के पर्यटन स्थल पर प्रवेश नहीं मिलेगा। मास्क लगाना अनिवार्य होगा।
  • बिना के पाए जाने पर 100 रुपए जुर्माना लगाया जाएगा।
  • पर्यटन स्थलों पर सोशल डिस्टेंस और सैनिटाइजर का भी पालन करना होगा।
  • भीड़ लगाने पर पाबंदी होगी।