राज्यों ने बढ़ाई सख्ती, वैक्सीनेशन और टेस्टिंग पर दे रहे जोर…

ओमिक्रॉन की दस्तक से बढ़ा खतरा, देशभर में अलर्ट

नयी दिल्ली। कर्नाटक में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के दो मामले सामने आने के बाद पूरा देश हाई अलर्ट पर है। ओमिक्रॉन वेरिएंट से कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। संक्रमण की रोकथाम के लिए केंद्र और राज्य की सरकारें अब अलर्ट मोड पर आ गई हैं। राज्यों में कोविड प्रोटोकॉल को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। वैक्सीनेशन और टेस्टिंग पर जोर दिया जा रहा है। खासतौर से विदेशों से आनेवाले यात्रियों की पूरी निगरानी की जा रही है। एयरपोर्ट पर ही यात्रियों का कोविड टेस्ट कराया जा रहा है। जोखिम वाले देशों से आनेवाले यात्रियों पर खास नजर रखी जा रही है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित मरीजों के पाए जाने के बाद आज हाई लेवल मीटिंग बुलाई है। 

उधर, संसद में भी आज केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री का ओमिक्रोन की रोकथाम और प्रोटोकॉल को लेकर बयान आ सकता है। वहीं कई राज्यों में बंद पड़े कोविड सेंटर्स को फिर से खोला जा रहा है। मुंबई में 'जोखिम वाले' देशों से आए पांच और यात्री कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। बृह्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। नगर निकाय के अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकानी ने कहा कि शहर में आगमन के बाद संक्रमित पाए गए ऐसे यात्रियों की संख्या अब बढ़कर नौ हो गई है। इनके कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमित होने का संदेह है। बीएमसी अधिकारियों ने बताया कि संक्रमित पाए गए सभी पांच यात्री पुरुष हैं, जो 17 नवंबर से दो दिसंबर के बीच शहर में आए थे। जिम्बाब्वे से लौटे 72 साल के बुजुर्ग व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। जिम्बाब्वे ‘जोखिम वाले’ देशों की सूची में शुमार है। 

जामनगर के निगम आयुक्त विजय कुमार खराडी ने बताया कि यह पता लगाने के लिये कि बुजुर्ग ओमीक्रोन से तो संक्रमित नहीं है, उनका नमूना जीनोम सिक्वेंसिंग के लिये भेजा गया है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट आने में करीब एक सप्ताह का समय लगेगा। निगम आयुक्त ने बताया, ‘‘बुजुर्ग जामनगर के रहने वाले हैं और पिछले कई सालों से जिम्बाब्वे में रह रहे थे। देश में अब तक 125 करोड़ से ज्यादा लोगों को कोरोना की वैक्सीन दी जा चुकी है इनमें से करीब 79 करोड़ 52 लाख लोगों को सिंगल डोज और करीब 46 करोड़ 26 लाख लोगों को डबल डोज मिल चुकी है। यह आंकड़ा ओमिक्रोन के संक्रमण में मददगार हो सकता है, क्योंकि WHO भी ये कह चुका है, कि ओमिक्रोन को रोकने वैक्सीनेशन और टेस्टिंग दोनों की रफ्तार तेज करनी होगी। इसे देखते हुए पूरे देश में अलर्ट जारी कर दिया गया है।