मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए….

 नामांकन पत्र के साथ शुल्क बकाया नहीं होने संबंधी प्रमाण पत्र बताना होगा 

भोपाल। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले और दूसरे चरण के लिए नामांकन का सिलसिला सोमवार से प्रारंभ हो जाएगा। अभ्यर्थियों को नामांकन पत्र के साथ शपथ पत्र देना होगा। इसमें कोई शुल्क बकाया नहीं होने संबंधी प्रमाण पत्र देना होगा। जिस नामांकन पत्र के साथ यह प्रमाण पत्र नहीं होगा, उसे निरस्त कर दिया जाएगा। प्रमाण पत्र नामांकन पत्रों की जांच के समय तक प्रस्तुत किया जा सकता है।राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव बीएस जामोद ने बताया कि अभ्यर्थी जिस पंचायत के लिए नामांकन भर रहा है, उस पंचायत से संबंधित कोई शुल्क बकाया नहीं होना का प्रमाण पत्र लगाना होगा। यह निर्वाचन की घोषणा के पूर्व के वित्तीय वर्ष तक का प्रस्तुत करना होगा। ग्राम पंचायत के लिए सचिव, जनपद पंचायत के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत और जिला पंचायत के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। ऐसे अभ्यर्थी जिनके नाम पर कोई बिजली कनेक्शन नहीं है, उनके संबंध में विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा यह प्रमाण पत्र दिया जाएगा कि हमारा कोई बकाया नहीं है।

कांग्रेस पार्टी प्रदेश की जनता के मंसूबों को समझ रही है। कांग्रेस को पता है कि अगर पंचायत चुनाव होते हैं, तो जनता क्या परिणाम देने वाली है। इसीलिए कांग्रेस अब हर चुनाव से भागना चाहती है। चुनाव में होने वाली फजीहत की कल्पना कर कांग्रेस के कार्यकर्ता तो भाग ही रहे हैं, अब उनके नेतृत्व को भी यह लगने लगा है कि चुनाव में जाएंगे तो मुंह की खानी पड़ेगी। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।

शर्मा ने कहा कि पंचायतों के चुनाव पंचायती राज व्यवस्था का आधार हैं और लोकतंत्र को मजबूती देते हैं। पंचायत चुनाव में गांव-गांव से जनप्रतिनिधि चुनकर आएंगे, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होगी और गांव-गांव तक विकास होगा। इसलिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने यह निर्णय लिया और राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव की घोषणा की है। लेकिन कांग्रेस के नेता पंचायत चुनाव को लेकर दोहरी भूमिका अपना रहे हैं। कहते कुछ हैं, करते कुछ और हैं

13 दिसंबर से भरे जाएंगे नाम निर्देशन-पत्र -राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री बंसत प्रताप सिंह ने बताया है कि त्रि-स्तरीय पंचायत के आम निर्वाचन वर्ष 2021-22 के प्रथम और द्वितीय चरण के लिए नाम निर्देशन-पत्र भरने की प्रक्रिया 13 दिसंबर को शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा है कि अभ्यर्थियों से नाम निर्देशन-पत्र प्राप्त करने के लिए सभी तैयारियाँ जिलों में पूरी कर ली गई हैं। 

 पंचायत निर्वाचन के  प्रथम और द्वितीय चरण के लिये नाम निर्देशन-पत्र प्राप्त करने का कार्य 13 दिसम्बर और तृतीय चरण के लिये 30 दिसम्बर को शुरू होगा। नाम निर्देशन-पत्र प्राप्त करने की अंतिम तारीख प्रथम और द्वितीय चरण के लिये 20 दिसम्बर और तृतीय चरण के लिये 6 जनवरी है। नाम निर्देशन-पत्रों की संवीक्षा प्रथम और द्वितीय चरण के लिये 21 दिसम्बर और तृतीय चरण के लिये 7 जनवरी को होगी। अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की अंतिम तारीख और निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन प्रथम और द्वितीय चरण के लिये 23 दिसम्बर और तृतीय चरण के लिये 10 जनवरी को अपराहृ 3 बजे तक है। मतदान (यदि आवश्यक हों) प्रथम चरण के लिये 6 जनवरी, द्वितीय चरण के लिये 28 जनवरी और तृतीय चरण के लिये 16 फरवरी 2022 को सुबह 7 बजे से अपराहृ 3 बजे तक होगा।

मतगणना तथा निर्वाचन परिणाम की घोषणा- मतदान केन्द्र पर पंच और सरपंच पद के लिये मतगणना मतदान समाप्ति के तुरंत बाद की जाएगी। जनपद पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य की विकासखण्ड मुख्यालय पर ईव्हीएम से मतगणना प्रथम चरण के लिये 10 जनवरी, द्वितीय चरण के लिये एक फरवरी और तृतीय चरण के लिये 20 फरवरी 2022 को सुबह 8 बजे से की जाएगी। पंच और सरपंच पद के निर्वाचन परिणाम की घोषणा प्रथम चरण के लिये 11 जनवरी, द्वितीय चरण के लिये 2 फरवरी और तृतीय चरण के लिये 21 फरवरी 2022 को सुबह 10:30 बजे से की जाएगी। जनपद पंचायत सदस्य के लिये निर्वाचन परिणाम की घोषणा प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण के लिये 22 फरवरी को और जिला पंचायत सदस्यों के लिये 23 फरवरी 2022 को सुबह 10:30 बजे से की जाएगी।