विदेशी यात्रियों दिखानी होगी 14 दिनों की ट्रैवल हिस्ट्री…

Omicron वेरिएंट के मद्देनज़र स्वास्थ्य मंत्रालय की नई गाइडलाइंस जारी

कोरोना वायरस के ओमिक्रोन वेरिएंट के खतरे के मद्देनज़र केंद्रीय स्वास्थय मंत्रालय ने विदेश से भारत आने वाले यात्रियों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं. इन नई गाइडलाइंस में कहा गया है कि भारत आने वाले यात्रियों को पिछले 14 दिनों की ट्रैवल हिस्ट्री के बारे में सूचना देनी होगी. इसके अलावा ये भी कहा गया है कि यात्रा से पहले ही यात्री एयर सुविधा पोर्टल पर अपनी निगेटिव आरटी पीसीआर रिपोर्ट को अपलोड करेंगे. केंद्र सरकार ने ऐसे 12 देशों की लिस्ट भी जारी की है, जिन्हें हाई रिस्क देश की कैटगरी में रखा गया है, जहां से भारत आने वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त उपाय किए गए हैं. 

इनमें यूके समेत यूरोपीय यूनियन के सभी देश, दक्षिण अफ्रीका, ब्राज़ील, बांग्लादेश, बोत्सावाना, चीन, मॉरिशियस, न्यूज़ीलैंड, ज़िंबाब्वे, सिंगापुर, हांगकांग और इज़राइल शामिल हैं. इन देशों से भारत आने वालों को एयरपोर्ट पर भी कोरोना टेस्ट कराना होगा और रिपोर्ट का एयरपोर्ट पर ही इंतज़ार भी करना होगा. अगर इन यात्रियों की कोरोना की जांच निगेटिव आती है तो इन्हें अगले सात दिनों तक होम क्वारंटीन में रहना होगा. इसके अलावा आठवें दिन फिर से कोरोना टेस्ट कराना होगा फिर अगर निगेटिव रिपोर्ट आती है तो अगले सात दिनों तक खुद की मॉनिटरिंग करनी होगी. 

गाइडलाइंस में कहा गया है कि हाई रिस्क देशों की कैटगरी के बाहर के देश से भारत आए यात्री को एयरपोर्ट से जाने की अनुमति होगी. उन्हें अगले 14 दिनों तक सेल्फ मॉनिटरिंग करनी होगी. गाइडलाइंस में कहा गया है कि किसी भी फ्लाइट में मौजूद कुल यात्रियों के 5 फीसदी यात्री का भारत आने पर रैंडम कोरोना टेस्ट किया जाएगा. आपको बता दें कि कोरोना के ओमिक्रोन वेरिएंट के सामने आने के बाद से सभी देश परेशान हैं. इस वेरिएंट को विश्व स्वास्थ्य संठन ने वेरिएंट ऑफ कंसर्न बताया है, यानी इससे सतर्क रहने की ज़रूरत है. भारत सरकार इस वेरिएंट के खतरे के मद्देनज़र कई बैठकें कर चुकी है.