महानगर में डेंगू का प्रकोप...

बुधवार को ग्वालियर में मिले डेंगू के 52 मरीज़

महानगर में डेंगू का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जिला अस्पताल मुरार और गजराराजा मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलॉजी विभाग में बुधवार को डेंगू के 146 संदिग्ध सैंपलों की जांच की गई। इनमें 64 को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। इसमें ग्वालियर के 52 मरीज हैं, जबकि 12 मरीज भिंड और मुरैना जिले के हैं। ग्वालियर के मिले 52 में से 32 मरीज 18 साल से कम उम्र के हैं। इनको मिलाकर जिले में डेंगू के 1366 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 4 मरीजों की मौत हो चुकी है। उधर, डेंगू के कई मरीजों में यह देखने में आ रहा है उनके जोड़ों में दर्द, सूजन के साथ तेज बुखार भी आने की शिकायत है। जोड़ों में दर्द और सूजन व बुखार ये लक्षण चिकनगुनिया के भी होते हैं। डेंगू के करीब 15 फीसदी मरीजों में यह समस्या आ रही है। 

गजराराजा मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रदीप प्रजापति ने बताया कि जोड़ों में दर्द, सूजन और बुखार यह चिकनगुनिया के लक्षण है। डेंगू के केस में भी यह परेशानी आती है। डेंगू में बुखार, जोड़ों में दर्द, सूजन के साथ प्लेटलेट कम होते जाते हैं। चिकनगुनिया के मरीजों में बुखार, जोड़ों में दर्द, सूजन आती है लेकिन प्लेटलेट नहीं गिरते हैं। इसलिए बुखार आने पर डेंगू और कम्प्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) की जांच अवश्य कराएं। जोड़ों में अधिक सूजन है और प्लेटलेट नहीं गिर रहे हैं जोड़ों में तेज दर्द की शिकायत है तो चिकनगुनिया की जांच करानी चाहिए। 

जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) डॉ. मनोज कौरव ने वार्ड 52 में एंटी लार्वा एक्शन का मुआयना किया। इस दौरान 7 कर्मचारी धनीराम कुशवाह, ज्ञानेश द्विवेदी, गणेश पचौरी, जितेंद्र उपाध्याय, अमित कलगांवकर, राखी चौहान और रेनू साहू अनुपस्थित मिले। डॉ. कौरव की रिपोर्ट के आधार पर सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने उक्त कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन कर्मचारियों को 7 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना है। निगम द्वारा विभिन्न वार्डों में फोगिंग व कीटनाशक के छिड़काव का अभियान चलाया गया। लार्वा का सर्वे भी किया गया। स्वास्थ्य अधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि नगर निगम अमले द्वारा वाटर कैनन से मेला रोड, श्रीराम कॉलोनी, झांसी रोड, चेतकपुरी क्षेत्र में डेंगू-मलेरिया की रोकथाम के लिए दवा का छिड़काव किया गया।