जिले में चरम पर है खाद संकट…

खाद संकट के खिलाफ जिलाधीश कार्यालय पर प्रदर्शन 11 को

ग्वालियर। जिले में  खाद संकट चरम पर है किसान सुबह से ही खाद के गोदामों पर पहुच जातें है और भूखे प्यासे दिन भर पडे रहने के बाद भी शाम को निराश हो घर लौट आते है उन्हे खाद नही मिल रही है। किसान सभा इस सवाल को गंभीरता से उठाते हुए 30 सितंबर को कलेक्टर को पत्र खिलकर इस संकट के बारे में आगाह किया था लेकिन सरकार और प्रशासन पूर तरह से खाद के कालाबाजारीयों के साथ मिलीभगत करके कोई भी संतोषजनक कार्यवाही के लिए तैयार नही है। 

किसान को बाजार से खाद उची किमतों में खरीदने के लिए मजबूर होना पड रहा है इतना नही खाद के साथ अन्य वस्तूएं खरीदने के लिए भी मजबूर किया जा रहा है। किसान नेता अखिलेश यादव ने  कलेक्टर को कुछ सुझाव भेजे है जिसमें सबसे पहले तो जिन डीलरों को खाद दिया गया है उनके गोदामों पर सरकारी अधिकारीयों की निगरानी में खाद वितरण कराये जाए। इसके अलावा जिन सहकारी समितियों के माध्यम से खाद वितरण कराया जाए। अगर इन सुझावों पर तत्काल प्रभाव से अमल किया जाता है तो निश्चित ही खाद संकट को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। 

पूरे जिले में खाद के भयानक संकट को देखते हुए 11 अक्टूबर को सुबह 11 बजे सभी किसानों को कलेक्ट्रेट पहुचने का आव्हान किया गया है। कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन के बाद ज्ञापन सौंपा जायेगा। अपील करने वालों में किसान नेता रामकिशन सिंह कुशवाह, पीपी शर्मा, रामबाबू जाटव, भगवान सिंह गुर्जर, अलबेल सिंह राणा, पूरन सिंह राणा, तलविंदर सिंह, जसविंदर सिंह, वकील सिंह लोधी, नाहर सिंह कुशवाह, परमार सिंह कुशवाह, आदि शामिल है।