नोएडा के डीएम सुहास और प्रमोद भगत ने मेडल पक्का किया…

शूटिंग में मनीष ने गोल्ड और सिंहराज ने सिल्वर जीता

टोक्यो पैरालिंपिक में 11 वें दिन भारत के लिए अच्छी शुरुआत रही। प्रमोद भगत ने एसएल थ्री में भारत के लिए कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर लिया। वहीं एसएल-4 में सुहास यतिराज भी फाइनल में पहुंच गए हैं और भारत के लिए आज का दूसरा मेडल पक्का किया। प्रमोद ने सेमीफाइनल में जापान के फुजिहारा डाइसुके को 21-11, 21-16 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। वहीं सुहास ने इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान को 21-9, 21-15 से हराया। इसके साथ ही टोक्यो में भारत के 15 मेडल हो जाएंगे। सुहास नोएडा के डीएम हैं। इससे पहले भी वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए मेडल जीत चुके हैं। इनके अलावा एसएच-1 कैटेगिरी के शूटिंग के 50 मीटर एयर पिस्टल में मनीष नरवाल और सिंहराज अधाना फाइनल में पहुंच गए हैं। 

अधाना क्वॉलिफिकेशन राउंड में 536 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहे, जबकि नरवाल 533 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहे। अधाना 10 मीटर एयर पिस्टल में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं। प्रमोद भगत गोल्ड मेडल के लिए बेथेल डेनियल के साथ भिड़ेंगे। वहीं मनोज सरकार को सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें बेथेल डेनियल ने सेमीफाइनल में 21-8, 21-10 से हराया। अब मनोज सरकार ब्रॉन्ज मेडल के लिए फुजिहारा डाइसुके के साथ भिड़ेंगे। दोनों मैच शाम को 3 बजे खेले जाएंगे। सुहास यतिराज एसएल-4 कैटगिरी में गोल्ड मेडल के लिए लिए मजूर लुकास से भिड़ेंगे। फाइनल मैच रविवार को खेला जाएगा। वहीं इसी कैटगिरी में ब्रॉन्ज मेडल के लिए तरुण ढिल्लो इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान से भिड़ेंगे। 

इससे पहले शुक्रवार को भारत को 3 मेडल मिले थे। हरविंद्र सिंह ने आर्चरी में भारत के लिए तीसरा मेडल जीता था। उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल के हुए मैच में शूटऑफ में कोरिया के तीरंदाज को हराया था। उनसे पहले राजस्थान की अवनि लेखरा ने 50 मीटर एयर राइफल में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। अवनि के अलावा प्रवीण कुमार ने भी देश को मेडल दिलाया। उन्होंने हाईजम्प में नए एशियन रिकॉर्ड के साथ सिल्वर मेडल जीता था। ये मेडल उन्हें टी-64 कैटेगिरी की हाईजंप में मिला था। भारत के अब टोक्यो में 14 मेडल हो चुके हैं। अब तक 53 साल में 11 पैरालिंपिक्स में 12 मेडल आए। 1960 से पैरालिंपिक हो रहा है। भारत 1968 से पैरालिंपिक में भाग ले रहा है। वहीं 1976 और 1980 में भारत ने भाग नहीं लिया था।