खुद की बेटी ने ही करवाई थी पिता की हत्या…

किले से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब महिला का शव उरवाई गेट पर मिला

ग्वालियर। थाटीपुर में बेटी के एक गलत कदम के कारण पूरा परिवार उजड़ गया। बेटी ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पिता(टाइम कीपर) की हत्या करवाई थी। इसके बाद अब उसकी मां ने भी किले से कूदकर आत्महत्या कर ली। मां ने आत्महत्या करने से पहले एक सुसाइड नोट भी घर पर छोड़ा था। जिसमें लिखा है कि मैं पीठ दिखाने वालों में से नहीं हूं, लेकिन हत्यारी सलोनी ने मेरे धैर्य, साहस की भी हत्या कर दी। मेरे बच्चों मुझे माफ कर देना। पुलिस ने मंगलवार सुबह महिला के शव को उरवाई गेट से बरामद कर लिया है। पांच अगस्त को थाटीपुर में टाइम कीपर की घर में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने उसकी छोटी बेटी कृतिका एवं उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया था। इस घटना से पूरा परिवार सदमें में था। बीते रोज मृतक टाइम कीपर की पत्नी भारती दुबे ने अपनी बड़ी बेटी एवं बेटे से कहा कि तुम्हारे पापा की बहुत याद आ रही है, चलो कहीं घूमकर आते हैं, थोड़ा मूड फ्रेश हो जाएगा। 

इसके बाद वह बच्चों के साथ किले पहुंची। यहां बच्चों को लाइट एंड साउंड के टिकट लेने के लिए भेज दिया, जब बच्चे लौटकर आए तो मां गायब थी। खबर मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। देर रात तक महिला को तलाश किया लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इधर घरवालों को घर से महिला का सुबह एक सुसाइड नोट मिला है। वहीं महिला का शव आज सुबह पुलिस ने उरवाई गेट से बरामद कर लिया है। तृप्ति नगर निवासी रविकांत दुबे निर्वाचन शाखा में बाबू के पद पर पदस्थ थे। करीब एक पखवाड़े पूर्व पांच अगस्त को घर में गोली लगने से उनकी मौत हो गई थी, जबकि पूरा परिवार एक ही कमरे में सो रहा था। पुलिस की जांच में राजफाश हुआ कि बेटी ने ही प्रेमी के दोस्त पुष्पेंद्र लोधी को सुपारी देकर व उससे शादी करने का वादा कर पिता की हत्या करने के लिए बुलाया था। पुष्पेंद्र ने रविकांत दुबे की गोली मारकर हत्या की थी। पुलिस बेटी व उसके साथी को हत्या के मामले में पकड़कर जेल भेज चुकी है। 

मृतका भारती दुबे ने सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं भारती दुबे पत्नी रविदत्त दुबे, इस पश्चाताप से बाहर नहीं आ पा रही कि मैं घर पर ही रही और मेरे सब कुछ मेरे पति की हत्या हो गई। मेरे ससुराल, मायके वालों एवं बड़ी बेटी ने भी बहुत मदद की। मेरे संस्कार गलत निकले, कि मेरी औलाद ने ही पिता को खत्म कर दिया। मेरेे तीन बच्चे गुंजा(नातिन), बेटी कृतिका ने बहुत सेवा की, मेरा बेटा रूदेश श्रवण कुमार है। मेरे बच्चों का पति की हत्या में कोई हाथ नहीं है। मेरे बाद श्री दुबे का सब कुछ रूद्रेश दुबे का होगा। मेरी बेटी कृतिका हमारे घर रहती है, पिता पर आश्रित थी। मेरा लाड़ला अभी छोटा है, इसलिए मेरे देवर एवं बेटी कृतिका को उनके संबंध में निर्णय लेने का पूर्ण अधिकार होगा। मेरे बच्चों व गुंजा मुझे माफ कर देना। मैं पीठ दिखाने वालों में नहीं हूं, पर हत्यारी सलोनी ने मेरे साहस, धैर्य सबकी हत्या कर दी है। मेरी जान मेरे बच्चों मुझे माफ कर दो। मेरा पूरा ससुराल मायका मेरी तेहरवीं न करे। 

मृतक रविकांत दुबे की बेटी कृतिका ने बताया कि पिता की हत्या के बाद मां तनाव में थी। बहुत कम बात कर रही थी। मां ने सोमवार की शाम को कहा कि पिताजी की बहुत याद आ रही है। घर में बेचैनी हो रही है। चल बाहर घूमकर आते हैं। शायद मन को कुछ शांति मिले। मां ने कहा कि चलो किले चलते हैं। मां ने हम लोगों को तैयार होने की बोलकर टैक्सी बुक की। मां के साथ हम लोग किले घूमने के लिए आ गए। मां ने होटल पर पहले खाना खाया। उसके बाद कहा चलो टाइम पास करने के लिए लाइट एंड साउंड कार्यक्रम देख लेते हैं। मां ने मुझसे कहा कि तुम भाई के साथ जाकर टिकट ले आओ। जब तक टायलेट होकर आती हूं। उसके बाद कार्यक्रम देखने चलेंगे। जब मैं टिकट लेकर आई तो मां वहां से गायब थी। चारों तरफ मां को तलाश किया, लेकिन कुछ पता नहीं चलने पर मैं घबरा गई और अचेत हो गई। मां कहां गई, मुझे नहीं मालूम, लेकिन पिता की मौत के बाद वह तनाव में थी।