हरियाणा व त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल…

पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने पर कप्तान सिंह सोलंकी ने उठाये सवाल

भोपाल। भाजपा के वरिष्ठ नेता और हरियाणा व त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने दो ट्वीट कर केंद्र सरकार द्वारा पिछड़ा वर्ग को मेडिकल में दिए आरक्षण पर सवाल उठाए हैं। इस मुद्दे पर लोकसभा व राज्यसभा में चर्चा न कराने को लोकतंत्र की रुग्णता बताया है। शुक्रवार को किए ट्वीट में सोलंकी ने कहा कि केंद्र की नीट परीक्षा में 27+10+15+7.5 को उच्चतम न्यायालय मानेगा क्या? 

यह 50 प्रतिशत से ज्यादा हो रहा है। साथ ही मेरिट को कमतर आंकना क्वालिटी को कम करना है। दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा में बिना चर्चा किए विधेयक पास होना लोकतंत्र की रुग्णता का परिचायक है। सांसदों के महत्वपूर्ण सुझाओं से देश वंचित रह जाएगा। जनमत की इज्जत करें। मालूम हो, सोलंकी भाजपा के कद्दावर नेता रहे हैं। 

2003 में जब भाजपा ने मध्य प्रदेश में सरकार बनाई थी, तब सोलंकी भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री थे। वे राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं। सोलंकी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में भी लंबे समय तक काम किया और कई दायित्व संभाले। उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि कप्तान सिंह सोलंकी जी का भी जमीर जाग गया है। वे मोदी भक्त से देशभक्त बन गए हैं।