हिंदुस्तान की सेना दुश्मन को करारा जवाब देगी…

तालिबान को पहली बार CDS बिपिन रावत की ललकार !

नई दिल्ली। अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान भले ही खुद के बदलने का दावा कर रहा है, लेकिन लगातार उसकी क्रूरता के मामले सामने आ रहे हैं. इस बीच भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने पहली बार तालिबान को लेकर बड़ा बयान दिया है और उसे चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि तालिबान बदला नहीं है. ये वही बीस साल पुराना तालिबान है. इसके साथ ही जनरल बिपिन रावत ने तालिबान को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि तालिबान के कब्जे वाले अफगानिस्तान से अगर किसी भी तरह का संभावित आतंकवादी खतरा भारत की तरफ आता है, तो हिंदुस्तान की सेना उस खतरे पर दुश्मन को करारा जवाब देगी. जनरल बिपिन रावत ने कहा कि भारत क्षेत्र में आतंकवाद मुक्त माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा, 'जहां तक अफगानिस्तान का सवाल है, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि वहां से भारत पहुंचने वाली किसी भी गतिविधि से उसी तरह निपटा जाए जैसे हम अपने देश में आतंकवाद से निपट रहे हैं.' 

सीडीएस ने कहा, 'मुझे लगता है कि अगर क्वाड देशों से कोई समर्थन मिलता है, कम से कम आतंकवादियों की पहचान और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक युद्ध लड़ने के लिए खुफिया जानकारी के तौर पर, तो मुझे लगता है कि इसका स्वागत किया जाना चाहिए.' जनरल बिपिन रावत के बयान का एक एक शब्द अक्षरश: सही है. ये आतंकवाद के खिलाफ भारत का अटल संकल्प है, जिसकी धमक पाकिस्तान कई बार सुन चुका है. जनरल बिपिन रावत  ने कहा, 'अफगानिस्तान से पैदा होने वाली आतंकी गतिविधियों के भारत पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर नई दिल्ली चिंतित है और ऐसी चुनौतियों से निपटने के लिए कंटिंजेंसी-प्लान तैयार है. 

मैं आपको भरोसा दिलाता हूं, हम लड़ाई के लिए तैयार हैं. आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ एक्शन के लिए तैयार हैं, देश आतंक मुक्त वातावरण में रहने के लिए कटिबद्ध है.' जनरल रावत ने तालिबान को सख्त चेतावनी देने के बाद अफगानिस्तान के हालातों पर बात की. उन्होंने कहा, 'अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा होगा, इसका अंदेशा पहले से था, लेकिन ये कब्जा इतनी जल्दी होगा, इसका अंदाजा नहीं था.' जनरल रावत ने इसके बाद तालिबान के बदले हुए चरित्र सवाल खड़े किए और कहा कि तालिबान बदला नहीं है, बीस साल पुराना तालिबान है. इस बार उसे नए साझेदार भी मिल गए हैं. 

सीडीएस जनरल बिपिन रावत का ये बयान इसलिए अहम है, क्योंकि जब से अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हुआ है तब से पाकिस्तान की तरफ से कश्मीर को लेकर अनाप-शनाप बयान आने शुरू हो गए हैं. जबकि तालिबान साफ कर चुका है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल किसी दूसरे देश को खिलाफ नहीं किया जाएगा, लेकिन भारत कैसे भूल सकता है कि तालिबान कंधार कांड में पार्टनर रहा है और इसीलिए उसके किसी भी वादे पर हिंदुस्तान को भरोसा नहीं. जनरल रावत ने तालिबान को चेतावनी दी और तालिबान को समझा दिया कि पाकिस्तान के साथ मिलकर कोई भी साजिश रची, जैश-लश्कर के साथ मिलकर LoC पार करने की कोशिश की तो अंजाम बुरा होगा. फिर भारतीय वायुवीर कश्मीर से काबुल की 400 किलोमीटर की दूरी तय करने में देर नहीं लगाएंगे. काबुल में घुसेंगे और तालिबान को घर में घुसकर मारेंगे.