रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी वाले व्यक्तियों में…

ब्लेक फंगस से बचाव के लिए रखें सावधानियां : श्री कार्तिकेयन 

मुरैना। कलेक्टर बी. कार्तिकेयन ने बताया कि ब्लेक फंगस या म्युकोरमाइसिस रोग से बचाव व नियंत्रण के लिए मध्यप्रदेश चिकित्सा शिक्षा एवं लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग द्वारा गाइडलाइन के अनुसार कोविड-19 संक्रमण से प्रभावित तथा पोस्ट कोविड संक्रमण से निरोग हुए व्यक्तियों में ब्लेक फंगस रोग के प्रकरण प्रदेश में परिलक्षित हो रहे है। ब्लेक फंगस या इनवेसिव म्युकोरमईसिस एक फंगल संक्रमण है, जो की संक्रामक नहीं है।अर्थात एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को संक्रमण नहीं होता है। 

प्रायः यह संक्रमण रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी वाले व्यक्तियों में, अनियंत्रित मधुमेह, श्वसन गुर्दा रोग के रोगी, केंसर के रोगी, तथा मध्यम, गंभीर कोविड रोगियों में ही परिलक्षित हो सकता है।ब्लेक फंगस रोग के इलाज के लिए यह आवश्यक है, कि इस रोग की शीघ्र पहचान की जाये। नाक बंद होना, नाक से काले रंग का डिस्चार्ज होना, नाक के आसपास गालों में सूजन, चेहरे में दर्द, सुन्नपन एवं सूजन आना, लगातार सिरदर्द होना, मुख से बदबू आना, सीने में दर्द साँस लेने में दर्द होना। आँखों में दर्द के साथ धुंधला दिखाई देना, खून की उल्टी होना ओर मानसिक भ्रम होना ये प्रारम्भिक लक्षण शामिल है। 

राज्य शासन ने 5 मेडिकल कोलेज इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में ब्लेक फंगस के इलाज की व्यवस्था के लिए डेडिकेटेड यूनिट की स्ािापना की जा रही है। यह संक्रमण अनियंत्रित डायबिटीज रोगी, पूर्व से उपचार पा रहे श्वसन अथवा गुर्दा रोग के रोगी, केंसर, अंग प्रत्यारोपण या इम्यूनोसप्रेसिव, के रोगियों में भी हो सकता है, सभी कोविड संधिग्ध, पुश्ट रोगी या डिस्चार्ज रोगियों में डायबिटीज की उचित पहचान ओर नियंत्रण आवश्यक है। कोविड-19 के उपचारित रोगी छुट्टी के बाद भी घर पर 4 से 6 सप्ताह तक नमक पानी के गरारे एवं नाक साफ करते रहें।