निर्णय पर पुनर्विचार कर गरीब मध्यम वर्गीय परिवार को राहत दें…

बजट : मध्यम वर्गीय परिवारों पर दमन अत्याचार की तलवार

एक बार पुनः मध्यम वर्गीय परिवारों पर दमन अत्याचार की तलवार आपके नगर निगम द्वारा चलाई गई है जैसा कि बरसों से होता आया है चाहे बिजली विभाग चाहे नगर निगम चाहे राज्य सरकारें  चाहे केंद्रीय सरकार किसी को भी मध्यम वर्ग के परिवारों से कोई संभावनाया प्रेम नहीं है नगर निगम के द्वारा जिस प्रकार से जलकर सीवर टैक्स सीवर कनेक्शन संपत्ति कर आदि पर 100 % से लेकर 200% तक बढ़ोतरी की है उसकी मैं निंदा करता हूं । 

मध्यमवर्गीय परिवार को जहां पहले ₹100 देने होते थे अब ₹ 200 देने पड़ेंगे यदि थोड़ी बहुत भी इन अधिकारियों में, हमारे प्रदेश के मुखिया की नजर में मध्यम वर्गीय परिवार के लोगों जोकि राजस्व में मुख्य रूप से से भागी होते हैं अनुरोध है कि इन बढे हुए करो को तत्काल वापस लें अन्यथा आप भी समझ लीजिए कि यह वर्ग भी एक दिन यदि इसी प्रकार से करारोपण किया जाता रहा तो यह भी निम्न आय वर्ग में हो जाएंगे और फिर आपको राजस्व मिलेगा ही नहीं अतः एक बार पुनः (दुघारू गाय की हत्या मत करो दूधसे ही काम चला लो )आपसे अनुरोध कि कृपया अपने द्वारा लिए गए निर्णय पर पुनर्विचार कर गरीब मध्यम वर्गीय परिवार को राहत दें। 

आप जी पी एस सर्वे क्यों नही करवाते ? शहर की सभी संपत्तियों को जीपीएस के माध्यम से चिन्हित करें और उन पर संपत्ति कर जलकर आदि सभी करों को आरोपित करें आपका राजस्व निश्चित रूप से 200 % नही 400 % अपने आप ही बढ़ जाएगा। राजस्व वसूली का सही तरीका प्रकृति से सीखिए जिस प्रकार विभिन्न प्रकार के भोहरे, मधुमक्खियां, तितलियां आदि फूलों से पराग तो लेती हैं परंतु उन्हें दयनीय स्थिति में नहीं करती वह सिर्फ उतना ही पराग लेती हैं जिसमें कि उनका पेट भी भर जाए और पुष्प को भी क्षति ना पहुंचे। अतः आपसे पुनः अनुरोध की बढ़ाए गए करों को वापस लें और आमजन को राहत का मरहम लगाए।