दांडी यात्रा की वर्षगांठ पर साबरमती से दांडी के लिए…

JU के गालव सभागार में हुआ आजादी के अमृत महोत्सव का लाइव प्रसारण

आजादी के 75 वर्ष का उत्सव ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ कार्यक्रम का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्भोदन हुआ। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जीवाजी विश्वविद्यालय के गालव सभागार में किया गया। अपने उद्बोधन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आजादी के नायकों को नमन किया साथ ही दांडी यात्रा की वर्षगांठ पर साबरमती से दांडी के लिए के लिए पदयात्रा का शुभारंभ भी किया। 

इस अवसर पर जेयू की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, कुलाधिसचिव प्रो. उमेश होलानी, कुलसचिव प्रो. आनंद मिश्रा, डीसीडीसी डॉ. केशव सिंह गुर्जर, कुलानुशासक डॉ. हरेंद्र शर्मा, प्रो. हेमंत शर्मा, प्रो. जेएन गौतम, प्रो. केएस ठाकुर, प्रो एसके सिंह, प्रो. विवेक बापट और डीआर डॉ. आईके मंसूरी, वित्त नियंत्रक सगीरा सिद्दीकी सहित जेयू प्रोफेसर, अधिकारी और छात्र मौजूद रहे। 

इस दौरान जेयू के रेक्टर प्रो. उमेश होलानी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश के प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन का संबंध ग्वालियर से रहा है। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि  वो गौरवशाली छात्र हैं, जो या तो ग्वालियर की धरती पर पैदा हुए हैं या उस पर शिक्षा ले रहे हैं। 

लक्ष्मीबाई समाधि से थोड़ी ही दूरी पर गंगादास की शाला स्थित है, आप सभी को उसके देखना चाहिए, क्योंकि यहां उन संतों की समाधियां बनी हैं, जिन्होंने महारानी लक्ष्मीबाई के साथ आंदोलन में मुख्य भूमिका निभाई थी। डॉ. सत्येंद्र सिंह सिकरवार ने दांडी मार्च की भूमिका पर प्रकाश डाला साथ ही उन्होंनें आजादी के मूल्यों, वैभव को बनाए रखने की बात कही।