जरूरी है सपनों के लिए समर्पण…

JU महासभा की बैठक में बजट पर संकल्प हुआ पारित

जीवाजी विश्वविद्यालय की महासभा की 51वीं वार्षिक बैठक शुक्रवार को टंडन कक्ष में हुई। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में विश्वविद्यालय का 2020- 21 का संशोधित बजट व 2021- 22 के अनुमानित बजट पर संकल्प पारित किया गया। इसके साथ ही डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया में जीवाजी विश्वविद्यालय से एक प्रतिनिधि के रूप में डॉ. योगेंद्र कुमार पहारिया का निर्वाचन किया गया। महासभा के सदस्यों ने जीवाजी विश्वविद्यालय को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने के लिए भी एकमत होकर कहा। महासभा की बैठक की शुरूआत में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने अभिभाषण में कहा कि आप सभी के सहयोग से मैं जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में सात वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर चुकी हूं। मेरे सामने विश्वविद्यालय के विकास के लिये अनेक चुनौतियांंॅं रही हैं, जिन्हें आप सभी के सहयोग से पूर्ण करने का निरन्तर प्रयास कर रही हूं। 

बीता साल कोरोना महामारी के कारण भय और निराशा में गुजरा है, लेकिन वर्तमान का स्वागत स्वर्णिम भविष्य के सपनों को साकार करने के इरादे से किया जाना चाहिए। सपनों के लिए समर्पित होना जरूरी है, जिससे सभी अपने भविष्य के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण के लिए भी ऐसे कार्य करें जो कि देश का भाग्य तय कर सके। जीवाजी विश्वविद्यालय के छात्रों को राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देना होगा, जिससे  विश्वविद्यालय का नाम पूरे विश्व में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जा सके। बैठक में महासभा के सदस्यों ने अपने विचार भी व्यक्त किए। डॉ. सतीश सिंह सिकरवार ने कहा कि हम सब इस विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य हैं। उन्होंनें कहा कि विवि को लगातार ऊंचाइयां दिलाने,  कोरोना जैसे विपरीत समय में भी जेयू को लगातार प्रगति पथ पर चलाते हुए महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने  प्रस्तुत किया है। 

प्रो. एसके सिंह, डॉ. केशव सिंह गुर्जर ने विश्वविद्यालय की सभी बैठकें समय पर करने के लिए कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला को बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों को निपटाने की बात भी कही। प्रो. जेएन गौतम ने बजट में  कर्मचारियों की पेंशन की व्यवस्था करने पर धन्यवाद दिया। प्रो. एसके शुक्ला ने ऑनर्स कोर्सेस के बारे में जानकारी दी। प्रो. योगेश उपाध्याय ने छात्र हित में  प्लेसमेंट सैल ओपन करने की बात कही। डॉ. मनेंद्र सिंह सोलंकी व अनूप अग्रवाल ने छात्रों की समस्याओं के आसान हल की बात रखी। डॉ. शिवेंद्र सिंह राठौड़, डॉ. संगीता कटारे और वीरेंद्र सिंह गुर्जर ने जीवाजी विश्वविद्यालय के हॉस्पिटल खोलने की बात कही साथ ही बाहर से आने वाले छात्रों की समस्याओं को आसानी से हल हो सके, ऐसा रास्ते पर विचार करने की बात भी कही।