तोमर बोले घर में मनाएं होली, पवैया ने कहा परंपरा नहीं तोड़े…

ग्वालियर में भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं के बीच तकरार !

ग्वालियर। होली पर लॉकडाउन को लेकर भाजपा नेताओं की अलग अलग राय है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कोविड नियमों के अनुसार घर में ही होली मनाने की अपील की है, वहीं पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने होली के दिन लॉकडाउन के विरोध करते हुए ट्वीट कर अपनी ही सरकार के निर्णय पर सवाल खड़ा किया, जिसके बाद आपदा प्रबंधन की बैठक में होली जलाने की छूट दिए जाने सहित त्योहारी बाजार खोलने का भी निर्णय लिया गया। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने अपील जारी कर कहा है कि मैं इस बार सार्वजनिक रूप से होली नहीं खेलूंगा। इस बार और न कोविड नियमों का पूर्णत: पालन करूंगा। मुझसे इसका दुख है कि इस वजह से मैं किसी से मिल नहीं सकूंगा। उन्होंने आमजनों से भी अपील की है कि वे भी अपने घर में रहकर होली मनाए और कोविड नियमों का पूर्णत: पालन करें। 

गौरतलब है कि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी बयान जारी कर कहा था कि होली हिंदुओं का त्योहार है और हम होली जलाएंगे। हिंदू महासभा जैसे अन्य संगठनों ने भी होली का त्योहार नहीं मनाए जाने देने को लेकर अपना विरोध दर्ज किया था। ‘योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में आने के बाद आमतौर पर खामोश रहने वाले बजरंगी दादा जयभान सिंह पवैया जब भी बोलते हैं, राजनीतिक हलकों में हलचल हो जाती है। पिछले दिनों उन्होंने भाजपा की बैठक में खुद को नहीं बुलाने का दर्द बयां किया था, वहीं गतदिवसस सीएम द्वारा लगाए गए लॉकडाउन पर सवाल खड़े कर उन्होंने एक बार फिर हिंदुत्व का राग अलापा है। बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहकर राममंदिर आंदोलन में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व मंत्री बजरंगी दादा जयभान सिंह पवैया का हिन्दुत्व प्रेम एक बार फिर उजागर हुआ है। 

रविवार के लॉकडाउन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने ट्विीट किया था कि माना कि जीवन की रक्षा पहला धर्म है पर संकट काल में भी परंम्पराओं का दीप बुझ गया तो समाज जीवन निष्काम हो जायेगा। अनेक गांवों और नगरों में सार्वजनिक होलिका की अग्रि से ही घर में होली जलती है। होली प्रतीकात्मक हो अतिरेक का तो में भी समर्थन नहीं वह चाहे जनता की ओर से हो या प्रशासन की ओर से। पवैया का यह ट्वीट दिनभर चर्चाओं में रहा। पवैया का कहना है कि मैं हिन्दुत्ववादी आत्मा को बुझा नहीं सकता। त्यौहार भारतीय सनातन धर्म की आत्मा है, यदि हम त्यौहारों पर इस तरह पाबंदी लगाएंगे तो यह सोचें कि आखिर हम जा कहां रहे हैं अपनी नई पीढी को क्या संदेश दे रहे हैं? पवैया ने कहा कि प्रतिबंध कोई हल नहीं है जागरूकता भी समाधान है।