मेला अवधि में अग्नि सुरक्षा के सभी उपाय किए जाएँ...

मेले की व्यवस्था के संबंध में गठित समितियों की बैठक सम्पन्न

ग्वालियर। संभागीय कमिश्नर आशीष सक्सेना एवं पुलिस महानिरीक्षक अविनाश शर्मा ने श्रीमंत माधवराव सिंधिया व्यापार मेला के संबंध में आयोजित बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मेला अवधि के दौरान अग्नि दुर्घटना को रोकने के लिये सभी सुरक्षा के उपाय किए जाएं। उन्होंने कहा कि आग बुझाने के सभी उपकरण तैयार रखे जाएं। इस संबंध में तैनात किए जाने वाले कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण दें तथा मॉकड्रिल करें। बैठक में बताया गया कि अभी मेले का समय रात्रि 9 बजे तक रखा गया है। इसके बाद एक मार्च की बैठक में मेले का आगे का समय तय किया जायेगा। इसी प्रकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संबंध में बताया गया कि 27 फरवरी को भजन संध्या से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत होगी। 

इसके बाद के कार्यक्रम आगामी बैठक में तय किए जायेंगे। बैठक में कमिश्नर आशीष सक्सेना ने निर्देश दिए कि सांस्कृतिक समिति में संस्कृति विभाग एवं जन संपर्क विभाग को भी सदस्य के रूप में शामिल किया जाए। इस अवसर पर जानकारी दी गई कि मेला परिसर में कुल 2266 दुकानें हैं, जिनका आवंटन कर दिया गया है। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि जिस व्यापारी को जो दुकान आवंटित की गई है उसी व्यापारी को दुकान लगानी होगी। अन्य व्यापारी को दुकान ट्रांसफर कदापि न की जाए। उन्होंने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिए कि मेला में ग्रामीण हाट बाजार की दुकानें लगाई जाएं। इसके अलावा स्व-सहायता की दुकानें भी मेला परिसर में लगाई जाएं। उन्होंने विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी को निर्देश दिए कि मेला परिसर में विद्युत के खुले तार नहीं रहें, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। 

साथ ही मेला परिसर में साफ-सफाई की ओर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिये जगह-जगह डस्टबिन रखवाए जाएं। मेला परिसर में गंदगी करने वालों पर 500 रूपए का जुर्माना भी लगाया जाए। इस राशि का मेला में अनाउंसमेंट भी कराया जाए। उन्होंने कहा कि मेला में लगाए जाने वाले सीसीटीव्ही कैमरे की मदद से गंदगी फैलाने वालों की पहचान की जाए, ताकि उन पर जुर्माना लगाया जा सके। प्रदर्शनी के संबंध में उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विभागों की प्रदर्शनी मेले में लगाई जाना है उन सभी विभागों की 27 फरवरी तक प्रदर्शनी लग जाए। उन्होंने कोविड-19 गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।