इंद्र के अहंकार को नष्ट करने उठाया गोवर्धन...

जेल में गोवर्धन पूजा कर गिरधारी को लगाया छप्पन भोग

ग्वालियर। इंद्र ने अपने अहंकार के कारण कृष्ण की नगरी गोवर्धन को नष्ट करने के लिए मूसलाधार बारिश कर भगवान के सामने अपना अहंकार दिखाया लेकिन भगवान कृष्ण ने अपने बाल रूप में ही गोवर्धन पर्वत को एक उंगली से उठाकर इंद्र का सारा अहंकार नष्ट कर दिया और गोवर्धन वासियों की रक्षा की यह बात केंद्रीय कारागार में भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के पांचवे दिन कही। श्रीमद् भागवत कथा में अतिथि पूर्व नेता प्रतिपक्ष नगर निगम देवेंद्र तोमर ने कहा के व्यक्ति को अपने जीवन में अहंकार नहीं पालना चाहिए हम जो भी कार्य करते हैं। 

वह बगैर ईश्वर की मंशा के कुछ नहीं कर सकते हम आज सिर्फ निमित्त मात्र हैं मैं किसी चीज का आश्वासन नहीं देता वहीं उन्होंने कैदियों के लिए कैंटीन खुलने की मांग पर भी कहा है कि मेरा पूरा प्रयास रहेगा कि आप लोगों के लिए कैंटीन खुलवा सकूं ।श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के पांचवे दिन की कथा गोविंद मेरो है गोपाल मेरो है श्री बांके बिहारी नंदलाल मेरो है कि भक्ति संगीत के साथ प्रारंभ की गई। 

जिस मैं व्यास गद्दी से संत गोपाल शरण जी ने भगवान कृष्ण जी के बाल रूपी कथाओं को सुनाते हुए कहा के गोपियों के साथ माखन चोरी और ब्रज की कुंज गलियों में गोपियों के साथ किए गए रास लीलाओं का विवरण करते हुए अनेकों उदाहरण भी दिए जिसमें कालिया नाग एवं पूतना वध की कथा भी सुनाई। गोवर्धन पूजा के साथ 56 भोग लगाया गया इस दौरान आकर्षक झांकी एवं कैदियों के द्वारा बड़ी ही आकर्षक रासलीला और भक्ति  नृत्य- गीत भी नाच गाकर आनंद लिया । 

इस अवसर पर महा आरती मुख्य यजमान मनोज कुमार साहू श्रीमती रश्मि साहू एवं अतिथि पूर्व नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र सिंह तोमर, भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक पटसरिया, महेंद्र पटसरिया उप जेल अधीक्षक महेश प्रसाद टिकारिया, विपिन दंडोतिया, प्रवीण त्रिपाठी, राजेंद्र शर्मा ,धिवक्ता मोहित कटारे , दिनेश सक्सेना ,अजय शंकर शर्मा ,सत्यम दुबे ,सहित हजारों तेरी बंधुओं ने श्रीमद् भागवत कथा का आनंद लिया। कल 21 फरवरी को रुक्मणी विवाह की कथा सुनाई जाएगी।