कथा का अंश जीवन में ग्रहण करने से उद्धार हो जाता है...

वसंतोत्सव का उत्साह और होली के उल्लास मैं रंगे बंदी

ग्वालियर। श्रीमद् भागवत कथा कल्याणकारी कथा है और इस कथा के एक अंश को भी जो व्यक्ति अपने जीवन में उतार ले तो उसका उद्धार निश्चित है। लेकिन उसके जीवन में चाहे कोई भी कठिनाइयां आए स्थिर रहे तो परिवार समाज और व्यक्ति की प्रतिष्ठा हमेशा बरकरार रहती है। कथा के भाव के प्रभाव से ही व्यक्ति अपने जीवन को हमेशा के लिए बदल सकता है। 

यह कथा सुनने के बाद जब जेल से घर जाएं तो लोगों को लगे कि आप मैं कथा के प्रभाव से कितना बदलाव हुआ है। क्योंकि अंधेरे में कभी प्रकाश नहीं होता ईश्वर की इच्छा से ही सब कुछ संभव है। और आज आप उस ईश्वर की कथा को साक्षात सुन रहे हैं अब भाव आपको देखना है। कि किस तरह मन लगाकर कथा के भाव को स्थिर होकर मन में संकल्प ले। ईश्वर हमेशा सबके दिल के नजदीक होता है। वह किसी को पराया नहीं मानता। 

यह बात केंद्रीय कारागार में चल रही भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के अंतिम दिन संत कृपाल सिंह महाराज ने कैदियों के मन के भाव को बदलने के लिए कहीं। केंद्रीय कारागार में चल रहे भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के अंतिम दिवस मं। संत गोपाल शरण महाराज द्वारा कथा को विश्राम देते हुए आज वसंत उत्सव मनाया गया इस दौरान फाग गायन, होली, मल्हार एवं कथक नृत्य की प्रस्तुतियां पेश की गई। 

जिसमें प्रियांशी चतुर्वेदी संस्था कत्थक विद्या द्वारा कत्थक नृत्य पेश किया गया वही राधा कृष्ण के फूलों की होली फाग गीतों के साथ बड़े ही आनंदमई उत्सव के साथ मनाई गई जिसमें कृष्ण का अभिनय नितिन गौड एवं राधा का अभिनय डोली राठौर द्वारा किया गया वही विमटेक फाउंडेशन एवं रंगनाथन सोसाइटी ऑफ सोशल वेलफेयर ग्रेटर नोएडा द्वारा भी प्रस्तुतियां दी गई ।

इस अवसर पर गुरुवाणी सेवा ट्रस्ट के  जय सिंह कुशवाह ने कहा कि मध्य प्रदेश की अन्य जिलों से भी मुझे सूचनाएं मिल रही हैं कि यहां भी इस तरह के कार्यक्रम किए जाएं और ट्रस्ट द्वारा मध्य प्रदेश की अन्य जिलों में भी कथा का कार्य प्रारंभ किया जाएगा अगली कथा भोपाल जेल में शीघ्र ही गुरुवाणी सेवा ट्रस्ट के द्वारा कराई जाएगी ।

जेल अधीक्षक मनोज कुमार साहू ने कथा के समापन अवसर पर कहा कि इस तरह के धार्मिक एवं रचनात्मक कार्य होने चाहिए मेरी हमेशा आप कैदी भाइयों के लिए यही मनसा रहती है ।कि किसी भी तरह आप लोगों को सदमार्ग पर ले जाया जाए ग्वालियर आने के बाद जो धार्मिक संस्कृति का मुझे लगा हुआ है उसके लिए भी मैं आश्चर्यचकित हूं। 

क्योंकि पहले मैं इन बातों को नहीं मानता था लेकिन अब आप लोगों के साथ भी मुझे आप लोगों के लिए धार्मिक कार्य करने में काफी रुचि होती है। आज की कथा की महाआरती मुख्य यजमान जेल अधीक्षक मनोज कुमार साहू, रश्मि साहू, संत कृपाल सिंह जी ,पूर्व साडा अध्यक्ष जय सिंह कुशवाह, डॉ विशाल यादव ,उप जेल अधीक्षक महेश प्रसाद पिकारिया, एनके प्रजापति, विपिन दंडोतिया ,प्रवीण त्रिपाठी, देवेंद्र शर्मा, संजय शर्मा, बृजपाल सिंह ,देवेंद्र शर्मा ,रामसेवक कॉल ,बचाराम, बल्ली यादव ,वंदना पांडे ,ओमवती शर्मा, कृष्णा उईके ,सहित केंद्रीय कारागार कर्मचारी एवं जेल बंदी भाई उपस्थित थे।