रिक्टर स्केल पर 7.0 रही तीव्रता...

भूकंप के तेज झटके से कांपा जापान

पूर्वी जापान के तट पर शनिवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.0 मापी गई है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने इसकी जानकारी दी। भूकंप का केंद्र फुकुशिमा प्रान्त के तट पर 36 मील की गहराई पर था। हालांकि एजेंसी ने किसी भी तरह की सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार भूकंप सुबह 11 बजकर आठ मिनट पर आया था। इस भूकंप से राजधानी टोक्यो में कई इमारतें हिल गईं। बता दें कि इससे पहले वर्ष 2011 में 11 मार्च को विनाशकारी भूकंप आया था जिसने जापान में तबाही मचा दिया था। इस भूकंप में लगभग 28 हजार लोग मारे गए थे। इस भूकंप में तीन लाख से ज्यादा लोग बेघर हो गए थे। इस त्रासदी ने जापान को लगभग 200 बिलियन डॉलर का नुकसान पहुंचाया था। इसके बाद इस शहर की स्थिति सामान्य होने में काफी वक्त लग गए थे। जापान में 2011 में आया भूकंप समुद्र के नीचे होने के कारण, जिससे सुनामी की स्थिति बनी। 

इस सुनामी की वजह से काफी लोगों की जान गई और इस भूकंप से तो 28 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। भूकंप एक ऐसी आपदा है, जो कहीं भी कभी आ सकता है। धरती कब अचानक हिलने लगेगी, इसका पता लगाना थोड़ा मुश्किल है। शुक्रवार की रात करीब साढ़े दस बजे उत्तर भारत के साथ-साथ पड़ोसी देश पाकिस्तान और ताजिकिस्तान में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। जानकारी के अनुसार भूकंप का केंद्र ताजिकिस्तान रहा। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.3 मापी गई। देश में दिल्ली, नोएडा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा समेत उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप आने के बाद लोगों में अफरा-तफरी मच जाती है। अपनी जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगते हैं। विशेषज्ञों ने कहा है, भूकंप के झटकों को हल्के में न लें, ये एक भारी गलती हो सकती है। भूकंप से कम नुकसान हो इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। 

आज हम आपको कुछ असरदार स्टेप्स बताएंगे, जिसका इस्तेमाल आप भूकंप आने पर जान बचाने के लिए कर सकते हैं। भूकंप के झटके जैसे ही महसूस हो तुरंत आपको उस घर में से बाहर खुली जगह पर निकल जाना चाहिए। बड़ी इमारत, बिजली के खंभों और पेड़ों से ज्यादा दूरी बना लेनी चाहिए। भूंकप आने के बाद बाहर निकलने के लिए लिफ्ट का इस्तेमाल बिल्कुल भी ना करें। नीचे उतरने के लिए सीढ़ियों का ही इस्तेमाल करें। अगर आप ऐसी जगह पर हैं, जहां बाहर निकलने से भी कोई फायदा नहीं है तो खुद को सुरक्षित करने के लिए ऐसी जगह खोजें जहां आप बच सकते है। बेड के नीचे या टेबल के नीचे लोटकर आप खुद को सुरक्षित कर सकते हैं। भूकंप के झटके महसूस होने पर पंखे, खिड़की, अलमारी और भारी सामानों से दूर रहें। इनके गिरने और कांच के टूटने से चोट लगने का ज्यादा खतरा रहता है।