रीऑर्गेनाइजेशन एक्ट 2019 में संशोधन के लिए

मोदी सरकार ने खत्म किया UPSC का जम्मू-कश्मीर कैडर

मोदी सरकार ने सिविल सर्विसेज के जम्मू-कश्मीर कैडर को खत्म कर दिया है। सरकार ने जम्मू कश्मीर रीऑर्गेनाइजेशन एक्ट 2019 में संशोधन के लिए अधिसूचना जारी की है। इससे जम्मू-कश्मीर के आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारी अब एजीएमयूटी कैडर (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और यूनियन टेरेटरीज कैडर) का हिस्सा होंगे।

जम्मू-कश्मीर कैडर के अधिकारियों की नियुक्ति इससे पहले दूसरे राज्यों में नहीं होती थी। सरकार के नए आदेश के बाद अब जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों को दूसरे राज्य में भी नियुक्त किया जा सकेगा। दिल्ली भी एजीएमयूटी कैडर में ही आती है। आने वाले समय में दिल्ली के अधिकारियों की नियुक्ति भी जम्मू-कश्मीर में हो सकेगी। वहीं जम्मू-कश्मीर कैडर के अधिकारियों की नियुक्ति दिल्ली, अरुणाचल प्रदेश, गोवा और मिजोरम में की जा सकेगी।

बता दें कि मोदी सरकार ने साल 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला लिया था। साथ ही जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में बांट दिया था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के अनुसार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के आईएएस, आईपीएस और अन्य केन्द्रीय सेवाओं के अधिकारियों को एजीएमयूटी कैडर में शामिल किया गया था।